पटना, सनाउल हक़ चंचल-

पटना : बिहार विधानसभा में एकमात्र सबसे बड़ी पार्टी राजद से पहले नीतीश कुमार को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किये जाने पर अपना विरोध दर्ज कराने के लिए गुरुवार को तेजस्वी यादव ने बिहार के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी से मुलाकात की. वहीं, राज्यपाल ने नीतीश कुमार से शपथ लेने के बाद दो दिन के भीतर विधानसभा में अपना बहुमत साबित करने को कहा है.

नीतीश कुमार की बुधवार रात राज्यपाल के साथ मुलाकात के बाद तेजस्वी याव राजद के कुछ विधायकों और नेताओं को लेकर राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी से मिलने राजभवन गये. उन्होंने मुलाकात के बाद कहा, ' 'एकमात्र सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते राजद को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जाना चाहिए. हम कानूनी सलाह ले रहे हैं और राज्यपाल के फैसले के खिलाफ हम अदालत जायेंगे.' ' उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने महागठबंधन को पांच साल तक सरकार चलाने का जनादेश दिया था. नीतीश कुमार ने इस जनादेश के साथ 'विश्वासघात' किया है.

उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार के खिलाफ पूरे सूबे में विरोध प्रदर्शन होंगे और 'उनका बाहर कहीं जाना मुश्किल हो जायेगा.' तेजस्वी ने दावा किया कि उनके पास अधिकतर जदयू विधायकों का समर्थन है. उन्होंने कहा, 'मुझे यकीन है कि सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्ध जदयू के अधिकतर विधायक शक्तिपरीक्षण में सरकार के खिलाफ मतदान करेंगे.' तेजस्वी ने कहा कि राज्यपाल ने उन्हें बताया कि उन्होंने पहले ही नीतीश कुमार को सरकार बनाने के लिए निमंत्रण दे दिया है और अब निमंत्रण पत्र को वापस लेना संभव नहीं है.

बैठक में तेजस्वी के साथ उनके भाई तेजप्रताप यादव, पार्टी के वरिष्ठ नेता- अब्दुल बारी सिद्दीकी, रघुवंश प्रसाद सिंह, जगदानंद सिंह और पार्टी प्रवक्ता मनोज झा मौजूद थे.

उन्होंने नीतीश कुमार के इस्तीफे को उनके और राजग के बीच एक 'पूर्व नियोजित षडयंत्र' करार दिया. इन्होंने शपथ ग्रहण समारोह को शाम पांच बजे के बजाय सुबह दस बजे कराने पर भी सवाल उठाया.

बैठक के बाद तेजस्वी यादव ने कहा, 'यह पूरा नाटक पूर्व नियोजित था और नीतीश कुमार के लिए तेजस्वी महज एक बहाना था, ताकि वह भाजपा के साथ जा सकें.'

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