शिखर धवन ने फिर अपने आक्रामक तेवरों का खुलकर इज़हार करते हुए रविवार को नाबाद 132 रन बनाए और कप्तान विराट कोहली ने इसके लिए उनकी जमकर तारीफ करते हुए उम्मीद जताई कि इस सलामी बल्लेबाज़ का फार्म लंबे समय तक बरकरार रहेगा जिससे टीम को विजय अभियान जारी रखने में मदद मिलेगी.

धवन की 90 गेंदों पर खेली गई तूफानी पारी और कोहली (नाबाद 82) के साथ उनकी 197 रन की अटूट साझेदारी से भारत ने श्रीलंका को पहले एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में नौ विकेट से हराया. श्रीलंका की टीम इससे पहले अच्छी शुरुआत के बावजूद 216 रन पर ढेर हो गयी थी.

कोहली ने मैच के बाद कहा, "उन्होंने (श्रीलंका) वास्तव में अच्छी शुरुआत की थी. लग रहा था कि हमें 300 के करीब लक्ष्य मिलेगा. यह बल्लेबाजी के लिए अच्छा था और बाद में बल्लेबाजी करने का मतलब भी यही था कि गेंद अच्छी तरह से बल्ले पर आएगी. गेंद बहुत अच्छी तरह से बल्ले पर आ रही थी." धवन ने इससे पहले टेस्ट सीरीज़ में भी दो शतक लगाए थे और कोहली ने उनकी प्रशंसा के पुल बांधने में कोई कसर नहीं छोड़ी.

भारतीय कप्तान ने कहा, "धवन के लिए पिछले तीन महीने शानदार रहे और उन्होंने इस दौर का पूरा फायदा उठाया. उम्मीद है कि वह इस शानदार फॉर्म में बना रहेगा और हम यह सुनिश्चित करना चाहेंगे कि उसकी फॉर्म बना रहे क्योंकि जब तक उसका यह दौर चलता रहेगा वह हमारे लिए मैच जीतेगा." उन्होंने कहा, "जब उसका बल्ला चलने लग जाता है तो उसे रोकना आसान नहीं होता है." कोहली ने इसके साथ ही साफ किया कि उनकी टीम इंग्लैंड में 2019 में होने वाले वनडे विश्वकप पर लगी हैं और सभी खिलाड़ियों को मौका देने के लिए आगे टीम में बदलाव किया जा सकता है.
उन्होंने कहा, "आपको 24 महीने पहले तैयारी शुरू कर देनी होगी. हम प्रयोग करने जा रहे हैं. यहां से आपको कई बदलाव देखने को मिलेंगे. इसमें सभी खिलाड़ियों को शामिल किया जाएगा. यह अधिक से अधिक संतुलन हासिल करने से जुड़ा है. सीरीज़ के शुरू में बल्लेबाजी पर ध्यान देना ज़रूरी था." कोहली ने कहा, "अक्षर पटेल अच्छी बल्लेबाजी भी कर लेता है और वह तेज़तर्रार फील्डर भी है. हम एक लेग स्पिनर को पर्याप्त मानते हैं. अगले मैच में हो सकता है कि एक और तेज़ गेंदबाज़ को उतारें या तीन स्पिनरों के साथ खेलें. यह सब संतुलन हासिल करने से जुड़ा है."

श्रीलंकाई कप्तान उपुल थरंगा ने हार के लिए बल्लेबाजों को जिम्मेदार ठहराया. थरंगा ने कहा, "हमारी शुरुआत शानदार रही लेकिन हम उसे भुना नहीं सके. मध्यक्रम पूरी तरह ध्वस्त हो गया. एक समय हम 300 रन के बारे में सोच रहे थे लेकिन अगर आप तीन सौ रन के बारे में सोच रहे हैं तो किसी एक बल्लेबाज को बड़ा स्कोर बनाना होता है. हमें अपनी गलतियों से सिखना होगा. किसी एक खिलाड़ी को बड़ी पारी खेलनी होगी. गेंदबाजों को भी लय में आना होगा." मैन ऑफ द मैच धवन ने कहा कि अभी सब कुछ उनके अनुकूल चल रहा है और वह इस दौर का पूरा लुत्फ उठा रहे हैं.

अपने करियर का 11वां वनडे शतक जड़ने वाले बायें हाथ के इस बल्लेबाज़ ने कहा, "अभी चीजें मेरे अनुकूल चल रही है और मैं केवल प्रक्रिया पर ध्यान दे रहा हूं. मैं मानसिक तौर पर किसी तरह के दबाव में नहीं हूं और जब आप अच्छा प्रदर्शन कर रहे होते तो आप अतिरिक्त आत्मविश्वास में रहते हो." उन्होंने कहा, "ईश्वर की कृपा से चीजें मेरे हिसाब से चल रही हैं. आज मैं सिर्फ सकारात्मक होकर और गेंद के हिसाब से उसे खेलना चाहता था."

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