गोरखपुर । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज अपनी कर्मस्थली गोरखपुर में अलग ही रंग में थे। विजयादशमी के पर्व पर आज उन्होंने शोभा यात्रा में शिरकत करने के साथ सभा को भी संबोधित किया।
गोरक्षपीठाधीश्वर महंत एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में मर्यादापुरुषोत्तम भगवान श्रीराम, जगत जननी मां सीता, लक्ष्मण जी के राजतिलक के अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि धर्म-अधर्म, न्याय-अन्याय एवं सत्य-असत्य में द्वंद्व सदैव से चलता आया है, यही देवासुरसंग्राम है। जिसमें विजयश्री सदैव सात्विक, सकारात्मक व रचनात्मक शक्ति को प्राप्त होती है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम उसी सात्विक, सकारात्मक एवं रचनात्मक धर्म रूपी शक्ति के प्रतीक हैं। भगवान श्रीराम का व्यक्तित्व सनातन हिन्दू धर्म का प्रतीक है जो सदैव हमें इन बुराइयों से लडऩे की प्रेरणा देता है।

उन्होंने कहा चुनौतियों से पलायन का नाम जीवन नहीं हो सकता। चुनौतियों से जूझते हुए अधर्म, अत्याचार, अन्याय का मर्दन करते हुए जो अपना मार्ग प्रशस्त करते हैं, सदैव उन्हीं की जीत होती है और समाज उन्हीं को अपना प्रेरणा पुरुष मानता है।

भगवान श्रीराम ने वही आदर्श हम सबके सामने रखा। वह पारिवारिक कलह से व्यथित नहीं हुए। 14 वर्षो का वनवास उनके लिए वन में भ्रमण करने अथवा समय व्यतीत करने का जरिया मात्र नहीं बना, अपितु भारत की ऋषि परम्परा का संरक्षण तथा सुरसा की तरह फैल रहे रावण के राक्षसी साम्राज्य को मिटाने का एक सशक्त माध्यम भी बना।

उन्होंने इसके लिए समाज के सकारात्मक ऊर्जा को एकत्र किया, संगठित हिन्दू शक्ति के बल पर उस कालखण्ड के सबसे बड़े आतंक के पर्याय रावण व उसके राक्षसों का समूल नाश करके सनातन हिन्दू धर्म की पुन: प्रतिष्ठा की। जिसमें हर नागरिक को पूर्ण सम्मान एवं सुरक्षा थी तथा समृद्धि के पर्याप्त अवसर थे। हमें मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के उस आदर्श को अंगीकार करना होगा। उन्होंने कहा कि श्रीराम भारत में ही नही अपितु विश्व के अनेक देशों में पूजे जाते हैं क्योकि उनका चरित्र हमें यदि धर्म की रक्षा की प्रेरणा देता है तो दुष्टो का संहार करने का भी। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विदेशी शक्तियों के प्रायोजित अलगाववाद, आतंकवाद, नक्सलवाद रावण की तरह खतरनाक हो गया है। हमें संकल्पित होकर इसका समूल नाश करना होगा।

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