जॉब मार्केट की स्थिति लगातार नाजुक बनी हुई है. बिजनेस एक्टिविटी कमजोर पड़ने से कंपनियों से रोजगार के अवसर निकलने से अधिक छंटनी की खबरें आ रही हैं. मीडिया खबरों के मुताबिक वित्‍त वर्ष 2016-17 में छंटनी के मामले में देश की बड़ी कंपनियों के नाम भी सामने आए हैं.

टॉप कंपनियों में भी नहीं निकल रही है जॉब
बीएसई में लिस्‍टेट 121 कंपनियों ने 2016-17 के दौरान 2015-16 के 7,42,012 की तुलना में पिछले साल सिर्फ 730,694 लोगों की ही भर्ती की. इस तरह पिछले दो साल में जॉब निकलने की संख्‍या लगातार कम हो रही है. हालांकि इन 121 कंपनियों में आईटी और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्‍टर की कंपनियां नहीं हैं, जिनकी स्थिति अन्‍य सेक्‍टर से थोड़ी बेहतर है.

धातु, बिजली, कैपिटल गुड्स, कंस्‍ट्रक्‍शन की हालत अधिक खराब

कर्मचारियों की संख्‍या में 11,318 की यह कमी मुख्‍य रूप से धातु, बिजली, कैपिटल गुड्स, कंस्‍ट्रक्‍शन और एफएमसीजी जैसे सेक्‍टर से जुड़ी कंपनियों में दर्ज की गई. इन 121 कंपनियों के 3 साल के आंकड़े उपलब्‍ध हैं और रिसर्च से साफ है कि लगातार दूसरे साल इन कंपनियों के कर्मचारियों की संख्‍या में कमी दर्ज की गई.

मैन्‍युफैक्‍चरिंग सेक्‍टर है खस्‍ताहाल
रिसर्च के अनुसार, खासकर मैन्‍युफैक्‍चरिंग कंपनियों में मानव संसाधन समेत कई तरह के संसाधनों का पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है, इसलिए ये कंपनियां नई नौकरियां देने के बदले अपने कर्मियों की संख्‍या में लगातार कमी कर रही हैं.

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