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इससे पहले जनवरी में भी खबर आई थी कि पुलिस विभाग इस साल दस हजार आरक्षकों की भर्ती करेगा। इनके साथ ही सब इंस्पेक्टर (एसआई) के भी करीब एक हजार पदों पर भर्तियां होंगी। 

भोपाल। पुलिस में नौकरी का सपना देख रहे नौजवानों के लिए एक अच्छी खबर है। मध्यप्रदेश पुलिस विभाग में जल्दी ही 30 हजार पदों पर भर्तियां होने वाली हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने इन पदों पर भर्तियों को स्वीकृति दे दी है। हाल ही में हुए मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी के दीक्षांत समारोह में भी पुलिसकर्मियों को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस बात का ऐलान किया था। इसके अलावा सीएम शिवराज सिंह चौहान ने पुलिसकर्मियों के लिए 25 हजार नए आवास बनाने का भी ऐलान किया था।

आपको बता दें कि इससे पहले जनवरी में भी खबर आई थी कि पुलिस विभाग इस साल दस हजार आरक्षकों की भर्ती करेगा। इनके साथ ही सब इंस्पेक्टर (एसआई) के भी करीब एक हजार पदों पर भर्तियां होंगी। इसके लिए तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। आरक्षक के लिए अप्रैल में विज्ञापन जारी होंगे, तो एसआई की प्रक्रिया अगस्त-सिंतबर शुरू हो पाएगी।

बीते साल वर्ष 2016 में 14 हजार 283 पद आरक्षक भर्ती के लिए निकाले गए थे। इनमें से चार हजार पदों पर योग्य प्रत्याशी नहीं मिले। लिहाजा, बचे हुए चार हजार और नए छह हजार पदों को मिलाकर दस हजार आरक्षकों की भर्ती होगी। बताया जा रहा है कि महिला आरक्षकों की भर्ती होने के बाद हर थाने में एक अलग कमरा बनाकर तीन महिला पुलिसकमिर्यों की तैनाती भी करने का प्लान है।

एक बार में दस हजार आरक्षकों की होगी ट्रेनिंग 
पुलिस ने अपने सात संस्थानों में हर साल दस हजार आरक्षकों को ट्रेनिंग देने की व्यवस्था भी कर ली है। पहले इनमें सिर्फ 2500 आरक्षक ही ट्रेनिंग ले पाते थे।

चुनाव के पहले 30 हजार नए जवान 
जानकारी के अनुसार पुलिस विभाग का लक्ष्य वर्ष 2018 तक 30 हजार कॉन्स्टेबल की भर्ती करना है। वर्ष 2016 में पुलिस में 11 हजार से ज्यादा नए आरक्षक पुलिस को मिले हैं। इस साल दस हजार पद भरने के बाद वर्ष 2018 में भी इतने ही आरक्षकों की भर्ती की जाएगी। पुलिस को विधानसभा चुनाव से पहले 30 हजार नए जवानों की नियुक्ति करना है।

पुलिस अकादमी के दीक्षांत समारोह में सीएम ने किया था ऐलान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नवदीक्षित पुलिसकर्मियों से कहा कि पुलिस उनकी दूसरी माता है। उसका मान सम्मान रखना उनका परम कर्तव्य है। उसकी लाज बनाए रखने के लिए जरूरी है कि उसकी छवि धूमिल नहीं हो। पुलिस को भ्रमित करने की कोशिशें भई होती हैं, उनसे सावधान, सजग और सतर्क रहें। थानों की छवि ऐसी हो कि जनता को वहां पर राहत, सुरक्षा और सुकून मिले। जनता को थाने में आने में झिजक नहीं हो। अपराधी आसपास फटकने से भी घबराएं। अपराधियों को किसी भी स्थिति में नहीं छोड़ें। सीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश की पुलिस ने ट्रेन ब्लास्ट के अपराधियों को मात्र तीन घंटे के भीतर पकड़ने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि साहस, शौर्य, कर्तव्यनिष्ठा और पराक्रम में प्रदेश की बेटियां भी कम नहीं हैं। इसीलिए पुलिस के एक तिहाई पद उनके लिए आरक्षित कर दिए गए हैं।



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