विष्णु दयाल ,ब्यूरो चीफ (फरीदाबाद)


फरीदाबाद 02/04/2018:  एससी-एसटी एक्ट में हुए बदलाव को लेकर भारत बंद के विरोध में आज फरीदाबाद  में दंगा भड़क गया जिससे जिले के  लोग सहमे हुए दिखे | जाट आंदोलन और राम रहीम काण्ड के दौरान हरियाणा के फरीदाबाद में कोई हिंसा नहीं हुई थी लेकिन आज भारत बंद के दौरान हिंसा के समाचार हैं। दलित संगठनों के लोगों ने जिले में जमकर उपद्रव मचाया है। कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं और ट्रेन पर पथराव हुआ है। शुभम टावर में इन लोगों के कारण हाहाकार मच गए। कई दर्जन लोग  माल में घुस गए  माल में अंदर फंसे लोग विलखते दिखे।
फरीदाबाद प्रशासन को ये उम्मीद नहीं थी। कल रात्रि में प्रेस नोट जारी किया गया था। आज उपद्रवियों ने शहर में जमकर उत्पात मचाया। लोग घंटों जाम में फंसे रहे। जिनके बच्चे स्कूल गए थे उन स्कूलों के बसें जाम में फंसी रहीं।
  एससी-एसटी एक्ट में हुए बदलाव को लेकर भारत बंद के विरोध प्रदर्शन में जिस तरह से हिंसा हुई इसका अंदाजा नहीं लगाया गया था। ये आग देश के नेताओं ने दलितों के हांथों से लगवाई और इन नेताओं के ट्वीट्स वगैरा में देखा जा रहा है कि इन्होने दलितों को किस तरह से भड़काया। हरियाणा के कैथल जिले में सबसे ज्यादा हिंसा हुआ। यमुनानगर, गुरुग्राम और फरीदाबाद में उपद्रवियों ने बवाल मचाया।
यहाँ अलग -अलग स्थानों पर दलितों का उपद्रव देखा गया जिसमें कई पुलिस कर्मी घायल हो गए। बाटा मोड़ स्थित नेशनल हाइवे 2 पर दलितों ने पुलिस पर पथराव कर दिया उसमें कई पुलिस कर्मी जख्मी हो गए और पुलिस की कई गाड़ियों को तोड़े जाने की खबर हैं। सबसे पहले एनआईटी चौक स्थित मस्जिद चौक से खबर आई कि दलितों ने पुलिस कर्मियों पर हमला कर दिया जिसमें तीन पुलिस कर्मी घायल हो गए। इसके अलावा ओल्ड फरीदाबाद रेलवे स्टेशन पर काफी तादाद में दलित समाज के लोग पहुंच गए और रेलवे ट्रैक पर रेल गाडी को रोक दिया जिससे कई घंटों तक यात्री परेशान रहे। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वाइरल हो रहा है जिसमे कहा जा रहा है कि जनशताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन रोक कर पथराव किया। जिसमें कई लोग घायल हो गए।
ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों की माने तो प्रदर्शनकारियों ने न्यू टाउन रेलवे स्टेशन पर जनशताब्दी ट्रेन को रोक लिया और उसके ऊपर चढ़कर उत्पाद मचाया। वह जैसे ही ट्रेन न्यू स्टेशन के नजदीक पहुंची ट्रेन पर अचानक पथराव होने लगा उन्होंने सोचा की किसी शरारती तत्व ने पत्थर मारा होगा लेकिन कुछ ही देर में दर्जनों लड़के लाठी डंडे लेकर ट्रेन में आकर तोड़फोड़ करने लगे। जिसमें कई यात्रियों को चोटें आई। यात्रियों के मुताबिक वह आधे घंटे ट्रेन में बंधक बने रहे और 100 नंबर पर हैल्प के लिए फोन मिलाते रहे लेकिन पुलिस का भी कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला। प्रदर्शनकारियों ने आने जाने वाले यात्रियों को भी नहीं बक्शा यात्रियों की गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए। जिसके चलते यात्रियों को भी चोटें आई। प्रदर्शनकारियों ने जगह-जगह आगजनी कर जाम लगाया गया।

Post A Comment:

0 comments: