विष्णु दयाल ,ब्यूरो चीफ (फरीदाबाद)


फरीदाबाद 11/04/2018:  पुलिस आयुक्त अमिताभ सिंह ढिल्लों के दिशा निर्देश पर व पुलिस उपायुक्त, एन.आई.टी. की देखरेख में कार्य करते हुए निरीक्षक राजेन्द्र सिहं प्रबंधक थाना मुजेसर व उनकी टीम के सब इंस्पेक्टर शेर मोहम्म्द, ए.एस.आई. जमील, ए.एस.आई. कुलजीत, एच.सी. सत्यवान, एच.सी. बलवान व सिपाही भूपराम ने सराहनीय कार्य करते हुए बलाईंड मर्डर केस के दो आरोपियों को पकडने में कामयाबी हासिल की है।
पकडे गए आरोपी का ब्यौराः-
1. राजगीर यादव पुत्र उचित यादव निवासी गाॅव अमनी हयातपुर थाना मानसी जिला खगरिया बिहार।
2. राधे श्याम कुमार पुत्र सूरज यादव गाॅव सबलपुर थाना मोरकाही जिला खरगिया बिहार हाल किरायेदार आजद नगर झुग्गी फरीदाबाद।
आप को बताते चले कि दिनांक 04.04.18 शिकायतकर्ता सुदेश पत्नी राकेश सरोहा निवासी एस.जी.एम. नगर फरीदाबाद ने थाना मुजेसर में अपनी शिकायत में कहा कि उसकापति राकेश को रोजाना की तरह दिनांक 28.03.18 को सुबह करीब 10ः00 बजे एस्कोर्ट कम्पनी में ट्राॅंसपोर्ट डियुटी के लिए गया था। दिनांक 29.03.18 को मेरे पति से मेरी बात हुई थी तो उसने कहा कि कम्पनी में काम ज्यादा है आज मैं घर नही आ सकता। दिनांक 30.04.18 को मेरे पति का फोन बन्द आ रहा था। सुदेश उपरोक्त कि शिकायत पर दिनांक 4.04.18 धारा 346. भा.द.स. थाना मुजेसर दर्ज रजिस्टर किया गया था। जिसको सुलझाने के लिए निरीक्षक राजेन्द्र सिंह एस.एच.ओ. मुजेसर ने एस.आई. शेर मौहम्मद, ए.एस.आई. जमील, ए.एस.आई. कुलजीत, एच.सी. सत्यवान, एच.सी. बलवान व सिपाही भूपराम के नेत्तृव में एक टीम गठित की।
गुमशुदा राकेश कि तलाश मेंशिकायतकर्ता को शामिल जाॅच किया गया। जाचं के आधार पर कई लोगों से पुछताछ की गई। शिकायतकर्ता द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर व शक के बिनाह पर आरोपी राजगीर व राधेश्याम को शामिल तफ्तीश कर पूछताछ की गई।
पुछताछ के दौरान आरोपी राजगीर उपरोेक्त ने बताया कि मैं ट्राॅसपार्ट का काम करता हॅू। मैने अपनी खुद की गाडिया है। पिछले 12/13 साल से ट्राॅसपार्ट काएस्कोर्ट कंपनी का ठेका मेरे पास था जो इस साल ठेका राकेश निवासी एस.जी.एम. नगर फरीदाबाद ने ले लिया था। जिसकी वजह से मुझे काफी नुकशान हो रहा था। इस नुकशान के बारे में मैने अपने भांजे राधेश्याम उपरोक्त को बताया।
मैने व मेरे भांजे राधेश्याम ने योजना बनाई कि या तो राकेश एस्कोर्ट कम्पनी का ठेका छोड देगा नही तो उसका सफाया कर देंगे। जो दिनांक 29.3.18 की शाम को राकेश मुझे व मेरे भांजे को एस्कोर्ट कम्पनी के बाहर मिला। जो हम तीनो बाते करते हुये आजाद नगर झुग्गीयों की तरफ आ गये। फिर मैने व मेरे भांजे राधेश्याम ने दबाव देकर राकेश से एस्कोर्ट कम्पनी का ठेका छोडने के लिये कहा लेकिन राकेश ने ठेका छोडने से मना कर दिया।
योजनानुसार राधेश्याम ने राकेश का मुंह दबाकर छत पर गिरा लिया और मैने ईंट से राकेश के सिर व मुंह पर कई बार चोटें मारी और राकेश की मौका पर ही मौत हो गई। राकेश की लाश को हम दोनो तिरपाल व कपडों में लपेटकर अपने कैन्टर में डालकर धौज के रास्ते तावडु थाना के एरिया में पाहाडियों से आगे जंगल में नाश को फैंक दिया था। आरोपियो से पुछताछ के आधार पर हत्या का केस दर्ज किया गया।
दिनांक 31.03.18 को थाना प्रबंधक तावडु द्वारा उसके एरिया में लावारिस नाश मिलने पर उसका पोस्टमार्टम व कानूनी प्रक्रिया पुरी करके अंतिम संस्कार किया गया था। जिसकी अब एफएसएल टीम द्वारा जांच कि जाऐगी।
आरोपीयों को पेश अदालत कर पुलिस रिमाण्ड लेकर जिस जगह पर लाश को फैका गया था उस जगह कि निशानदेही व वारदात में इस्तेमाल कैन्टर व कपडों आदि को बरामद किया जायेगा।

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