विष्णु दयाल ,ब्यूरो चीफ (फरीदाबाद)

फरीदाबाद 13/04/2018:  देश के अंदर हो रही तमाम बलात्कार व हत्या की घटनाएँ  तथा इसके अंदर लिप्त प्रशासन व राजनेताओं की भूमिका के कारण पूरा देश हैरान है | इस पर देश में शासन कर रही पार्टी के कुछ नेता इस तरह से बेशर्मी भरे गैर-जिम्मेदाराना ब्यान दे रहे है की लगता है की वो किसी कामेडी शो में कोई भूमिका निभा रहे हैं |जम्मू-कश्मीर में एक 8 बरस की बच्ची आसिफा बानो का बलात्कार करके हत्या करने के मामले में मध्य प्रदेश बीजेपी के बड़े नेता ने अजीबोगरीब बयान दिया है। प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान को इस वारदात में पाकिस्तान का हाथ नजर आता है। पाकिस्तान पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, ‘उन्होंने भारत को बांटने के लिए जय श्रीराम के नारे भी लगाए।’ 65 साल के चौहान खांडवा से सांसद हैं।
 क्रिकेटर गौतम गंभीर ने कठुआ और उन्नागव में सामूहिक दुष्कहर्म की घटनाओं की कड़ी आलोचना की है। कठुआ गैंगरेप मामले में वकीलों के रवैये पर उन्हों।ने सख्तम नाराजगी जताई है। क्रिकेटर ने पूछा कि बेटी बचाओ से अब क्यार हम बलात्काकरी बचाओ हो गए हैं।
IPL 2018 में दिल्लीे डेयरडेविल्सए टीम के कप्तानन गौतम गंभीर ने उन्नापव और कठुआ सामूहिक दुष्कमर्म कांड पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई है। उन्हों ने देश की मौजूदा सिस्टकम को बेकार करार दिया है। क्रिकेटर ने ट्वीट किया, ‘भारतीय चेतना का उन्ना व और उसके बाद कठुआ में बलात्काार हो चुका है। अब इसकी हमारे सड़े-गले सिस्टमम के कॉरिडोर में हत्याउ की जा रही है। मैं इस सिस्टिम को चुनौती देता हूं कि वह अपराधियों को सजा दिला कर दिखाए।’ गंभीर ने एक और ट्वीट कर कठुआ सामूहिक दुष्कार्म और हत्या कांड की पीड़ि‍ता की पैरवी करने वाली वकील के काम में बाधा डालने की भी तीखी आलोचना की है। उन्होंतने ट्वीट किया, ‘शर्म आती है उनलोगों पर खासकर वकीलों पर जो कठुआ की हमारी पीड़ि‍त बेटी का बचाव करने वाली अधिवक्ताि दीपिका सिंह राजावत को चुनौती और उनके काम में बाधा डाल रहे हैं। बेटी बचाओ से क्याव अब हम बलात्काारी बचाओ हो गए हैं?’ लोगों ने भी गंभीर का समर्थन किया है। कुलदीप पुरोहित ने ट्वीट किया, ‘जोरदार। अकेला क्रिकेटर जो इस पर बोला।’ श्रद्धा ने लिखा, ‘बिल्कुतल सही। अब बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ नहीं बल्कि बेटी बचाओ, बलात्काीरियों को नेता बनाओ।’ अतीक वारसी ने लिखा, ‘हमें गर्व है कि उन्ना व और कठुआ पर आपने आवाज उठाई। हमें धर्म से ऊपर उठ कर एकसाथ खड़े होने की जरूरत है।’

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