विष्णु दयाल ,ब्यूरो चीफ (फरीदाबाद) -

फरीदाबाद 21/04/2018: हमारे समाज के प्राचीन ग्रंथो में नारियों को देवी स्वरूप माना गया है | देश के अंदर नारी को दुर्गा व लक्ष्मी मान कर उनकी पूजा भी की जाती है |परन्तु हकीकत की धरातल पर उतर कर देंखे तो वास्तवकिता कुछ और ही नजर आती है |हमारे समाज का कानून यह कहता की दहेज़ लेना व देना कानूनन जुर्म है | परन्तु समाज में प्रतिदिन न जाने कितनी ही बेटियों को इस दहेज़ रूपी आग के दरिया में झोंक दी जाती हैं |
    आज पर्वतीय कालोनी में रहने वाली ने प्रीति ने अपने सुसराल पक्ष(पानीपत) वालों पर दहेज़ मांगने व मारपीट करने का आरोप लगा कर फरीदाबाद महिला आयोग में शिकायत दर्ज करवा कर  न्याय के लिए गुहार लगाईं |
प्रीति ने बताया की उसकी शादी 20 मई 2009 को पानीपत में रहने वाले संदीप के साथ हुई थी | शादी के कुछ समय के बाद मेरे पति (संदीप), ननद (पूनम), नंदोई (राजेन्द्र)तथा ससुर (मदन लाल) ने मुझे दहेज़ के लिए प्रताड़ित करना शुरु कर दिया | आये दिन मेरे पति शराब पी कर मेरे साथ मारपीट करते तथा मेरी ननद,नंदोई व ससुर भी मेरे पति का ही साथ देते | कुछ समय तक तो लोक-लाज के कारण मै चुप रही परन्तु 9 दिसम्बर 2017 को रात 11 बजे  मेरे पति व उक्त आरोपियों ने मुझे कमरे में बंद कर मुझे बहुत बुरी तरह से मारा पीटा व धक्के देकर घर से बाहर निकाल दिया | तथा मेरे दोनों बच्चो लड़का(7वर्ष) व लड़की(6 वर्ष) को जबरदस्ती अपने पास रख लिया | मैंने अपने मायके फरीदाबाद आकर महिला आयोग में इसकी शिकयत दर्ज करवाई | जिसके फलस्वरूप मेरे पति व ससुराल के सभी लोग फरीदाबाद महिला थाने में आकर माफ़ी मांगी व राजीनामा कर के मुझे वापिस ले गए |
इस घटना के कुछ दिन तो मुझे ठीक से रखा | परन्तु गत दिनांक 17/04/2018 को फिर से पुरे परिवार ने मुझे कमरे में बंद कर बुरी तरह से मार-पीटा व अधमरा कर  रात को घर से बाहर फेंक दिया |
 उसको घर के बाहर बेसुध अवस्था में पड़ा देख कर किसी पडोसी ने उसके मायके (फरीदाबाद) में फोन कर दिया | रात तीन बजे प्रीति के  माँ- बाप व भाई पानीपत पहुंचे तथा उसको उठाकर पानीपत पुलिस चौकी में रिपोर्ट दर्ज करवाई |
परन्तु पुलिस प्रशासन से कोई मदद मिलता न देख कर अब प्रीति व उसके घरवालों ने फिर एक बार फरीदाबाद महिला आयोग का दरवाज खट-खटाया है | तथा प्रीति ने  अपने सुसराल वालों के खिलाफ महिला थाना 21/C में शिकायत दर्ज करा कर न्याय के लिए गुहार लगाई है |

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