विष्णु दयाल ,ब्यूरो चीफ (फरीदाबाद)

फरीदाबा 11/05/2018 :  पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर चल रहे एक पोस्ट को लोग धडल्ले से खूब शेयर कर रहें  है की अब गर्मियों की छुट्टियों की फीस स्कूल नहीं ले सकता और अगर ऐसा करता है तो स्कूल का लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है इस मैसेज में बाकायदा हाई कोर्ट का ऑर्डर सीपी नंबर 5812 – 2015 सहित पूरा विवरण लिखा था|
सोशल मीडियाके इस खबर  से अलग-अलग प्रदेशों के प्राइवेट स्कूलों की नींद उड़ी हुई है तो दूसरी तरफ अभिभावकों में खुशी की लहर है और हो भी क्यों ना क्योंकि सोशल मीडिया पर संदेश ही ऐसा प्रसारित किया जा रहा है।
प्राइवेट स्कूलों के लूट-खसोट व मनमाने रवैये से दुखी अभिभावकों ने भी इस मैसेज को एक दूसरे को भेजना शुरू किया किसी ने वेरी गुड डिसीजन लिखा तो किसी ने सरकार को धन्यवाद दिया | लेकिन यह बात उस समय झूठी साबित हुई जब कुछ न्यूज़ एजेंसी उन्हें इस पूरे मैसेज की पड़ताल की मैसेज पड़ताल करने के बाद पता चला कि यह मैसेज पाकिस्तान के कराची स्थित हाईकोर्ट से दिया गया है जो पाकिस्तान के लिए लागू होता है ना कि हिंदुस्तान के लिए।
यह ऑर्डर पाकिस्तान के कराची से 7 अक्टूबर 2016 को दिया गया था सोशल मीडिया पर फैले इस अफवाह से प्राइवेट स्कूल प्रबंधकों की नींद उड़ी हुई थी लेकिन इस खबर के आने के बाद अब उन्होंने राहत की सांस जरूर ली है।

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