विष्णु दयाल ब्यूरो चीफ फरीदाबाद

फरीदाबाद17/09/208 : मुगल बादशाह बाबर व बहादुरशाह जफर की छठवीं पीढ़ी के वंशज प्रिन्स याकुब हबीबुद्दीन तुस्सी ने बाबर के सेनापति मीरबाकी द्वारा 1528 अयोध्या में बने भव्य श्रीराम मंन्दिर तोड़े जाने को जाहिलाना,निन्दनीय कुकुत्य मानते हुए अखिल भारत हिन्दू महासभा सन्त महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि जी महाराज के माध्यम से   विश्व के समस्त हिन्दूओ व श्रीरामभक्तो से लिखित माफी मांगा ।
साथ ही अयोध्या में भव्य श्रीराम मन्दिर बनाने हेतु तन,मन,धन,से सहयोग करने एवं मन्दिर का पहला एक सोने को ईंट देने का वादा किया,स्वामी जी ने तुसी जी का अभार व्यक्त करते हुए कहा कि हिन्दूओ से यह माफीनामा ऐतिहासिक पल है यह आपस प्रेम सद्भभावना व श्रीराम मन्दिर निर्माण में सहयोगी होगा । महासभा कार्यकर्ताओ ने माला पहनाकर तिलक लगाकर साल ओढ़ाकर स्वागत किया एवं एक दुसरे को मिठाई खिलाकर प्रसन्नता व्यक्त किया व अन्त में प्रिंन्स तुसी समेत सभी महासभा कार्यकर्ताओ ने स्वामी चक्रपाणि महाराज के साथ जय श्रीराम का गगन भेदी नारा  भी लगाया ।

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