विष्णु दयाल ब्यूरो चीफ फरीदाबाद(हरियाणा)

फरीदाबाद 11/10/2018 :  गुजरात में उत्तर भारतीयों के ऊपर हो रहे हमले को लेकर पूरा देश आक्रोशित है । यह हमला घटिया नेताओं की ओछी राजनीति का हिस्सा है ।  यदि कोई यह समझता है कि गुजरात में बिहार, उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश वालों के साथ जो कुछ भी हुआ या हो रहा है उसके पीछे बलात्कार की वो जघन्यतम घटना है तो यही कहना उचित होगा कि वो इंसान अभी बड़ा ही नहीं हुआ है। अगर ऐसा होता तो बलात्कार जिस व्यक्ति ने किया वो गिरफ़्तार किया जा चुका है और उसे कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए। फिर वो आदमी बिहारी था तो क्या एक किसी की गलती की सजा सबको दिया जाय? यह लोकतंत्र है बर्बरतंत्र? गुजरात में भी एक से एक चोर, बेईमान, बलात्कारी, दंगाई और हत्यारे हुए हैं, तो इसका क्या अर्थ है कि इसकी सजा सारे गुजरातियों को दिया जाय – बिल्कुल नहीं। और फिर बाकी राज्य वालों के साथ हिंसा क्यों?
ययह कहना है पूर्वांचल एकता परिषद के अध्यक्ष राजकुमार जी का ।
आज पत्रकारों से इस विषय पर बात करते हुए राजकुमार जी ने कहा कि  बलात्कार तो एक बहाना है दरअसल इसके पीछे वाट्सअप पर प्रसारित किया गया वो मैसेज है जिसमें लिखा है कि “विस्थापित मजदूरों की वजह से राज्य के लोगों को काम नहीं मिल रहा है इसलिए इन्हें राज्य से बाहर जाना चाहिए।” फिर क्या था भीड़तंत्र लगी लोगों को भगाने।
गुजरात में जिस तरह से प्रवासियों को प्रताडित किया जा रहा है। उन्हें गुजरात छोड़ने की धमकी दी जा रही है। यह पीडा सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं है, बल्कि पूरे देश की पीडा है और सभी को कष्ट हो रहा है। महाराष्ट्र में प्रवासियों पर कहर बरपाया जा रहा था। उसी की तर्ज पर गुजरात में बिहार एवं यूपी के लोगों के साथ मारपीट और गुजरात छोड़ने पर मजबूर किया जा रहा है और देश के प्रधानमंत्री चुपी बांधे हुए हैं।
किसी एक राज्य और किसी व्यक्ति विशेष का नहीं है। इसकी एकता एवं अखंडता में वासी, प्रवासी और अप्रवासी तीनों का योगदान है। हर राज्य के नागरिक को हर राज्य में रहने, पढ़ाई करने और नौकरी करने और व्यापार करने का अधिकार है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो स्वयं गुजरात से आते हैं उन्होंने पूर्वांचल और पूरे देश ने अपनी देश का प्रधानमंत्री बनाया और उन्हीं के राज्य में बिहार और यूपी के लोगों के साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी दी जा रही है। सरकार को जल्द से जल्द कदम उठाना चाहिए।
राजकुमार जी ने कहा कि राजनीति करने वाले लोग हमेशा से कभी जाति, कभी भाषा तो कभी धर्म के नाम पर बांटा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो स्वयं गुजरात से आते हैं उन्होंने पूर्वांचल और पूरे देश ने अपनी देश का प्रधानमंत्री बनाया और उन्हीं के राज्य में बिहार और यूपी के लोगों के साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी दी जा रही है। सरकार को जल्द से जल्द कदम उठाना चाहिए।
यूपी और बिहार के मुख्यमंत्रियों से मांग की कि उन्हें इस विषय को तत्काल उठाना चाहिए। अभी तक दोनों राज्य की सरकारों ने जो कदम उठाया है वह संतोषजनक नही है। इसका कोई असर गुजरात में देखने को नहीं मिल रहा है।

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