विष्णु दयाल ब्यूरो चीफ फरीदाबाद

फरीदाबाद 15/11/2018 : जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही फरीदाबाद की तीन माह की मासूम के दिल के छेद को बंद करने के लिए दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने ऑपरेशन के लिए छह साल बाद की तारीख दी है।
बच्ची के इलाज की चिंता में परिजन दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हो गए हैं। ऐसे में एक गैर सरकारी संस्था ने मदद का हाथ आगे बढ़ाते हुए इंसानियत की मिसाल पेश की है। संस्था की मदद से बच्ची को मंगलवार को शहर के मेदांता अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
जहां वह उपचाराधीन है। हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. केके अग्रवाल ने बताया कि फरीदाबाद निवासी अजय कुमार की तीन माह की बेटी नैनसी के दिल में छेद है।
चिकित्सक इसे लार्ज वीएसडी व पल्मनरी आर्टरी हाईपरटेंशन कहते हैं। परिजनों ने बच्ची को एम्स अस्पताल में दिखाया। जहां डॉक्टरों ने बच्ची की ईको, एक्स-रे, ब्लड टेस्ट आदि जांच करवाने को कहा।
जांच के बाद आई रिपोर्ट में डॉक्टरों ने दिल में छेद होने की पुष्टि की। इसे बंद करने के लिए ऑपरेशन के लिए छह साल बाद 5 फरवरी 2024 की तारीख दी गई है। साथ ही इस पूरे ऑपरेशन में 57 हजार रुपये खर्च आने का अनुमान जताया है, जिसे परिजनों को अभी ही अस्पताल में जमा करवाने को कहा गया है।
डॉ. अग्रवाल की मानें तो बच्ची की बिगड़ती हालत की चिंता और समय पर इलाज की चाह में भटकता परिवार हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया के पास पहुंचा। संस्था के डॉक्टरों ने बच्ची की जांच की और तुरंत ऑपरेशन की सलाह दी।
संस्था ने सभी पहलुओं को देखते हुए एम्स को दो बार पत्र लिख बच्ची का इलाज जल्द करने की सिफारिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं दिया गया। बच्ची की हालत को देखते हुए समीर मलिक हार्ट केयर फाउंडेशन फंड के अंतर्गत अब बच्ची को मंगलवार को मेदांता में भर्ती करवाया गया।

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