विष्णु दयाल ब्यूरो चीफ फरीदाबाद

फरीदाबाद 02/11/2018 : जैसे-जैसे चुनाव का समय नजदीक आता जा रहा है वैसे - हरियाणा में राजनीतिक उथल पुथल बढ़ती ही जा रही है । इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी ओमप्रकाश चौटाला ने तुरंत प्रभाव से हिसार के सांसद दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय सिंह को इनेलो की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है। उन्होंने दुष्यंत चौटाला को पार्लियामेंट में पार्टी की संसदीय समीति के नेतृत्व से भी हटा दिया है।


दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय सिंह दोनों पर ही 7 अक्तूबर, 2018 को गोहाना में आयोजित चौधरी देवी लाल के जन्म दिवस उत्सव के दौरान अनुशासनहीनता, हुड़दंगबाजी और पार्टी नेतृत्व के विरुद्ध असंतोष फैलाने वाली नारेबाजी के आरोप लगाए गए थे। चौधरी ओमप्रकाश चौटाला ने पार्टी कार्यालय को सूचित किया है कि वास्तव में इस मामले में उन्हें किसी भी बाहरी प्रमाण की आवश्यकता नहीं थी क्योंकि वह स्वयं उस आयोजन में उपस्थित थे और उन्होंने अनुशासनहीनता और हुड़दंगबाजी की घटनाएं स्वयं देखी और यह भी देखा कि स्वयं उनके भाषण में भी लगातार व्यवधान डाला गया था। परंतु फिर भी उन्होंने इस पूरे मामले को अनुशासन कार्यवाही समीति को सौंपा था। समीति इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि दोनों उन आरोपों के दोषी हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि यह देखते हुए कि दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय सिंह उनके अपने परिवार के ही सदस्य थे, इसलिए उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई करना उनके लिए सरल निर्णय नहीं था। किन्तु वे जीवनपर्यंत जननायक चौधरी देवीलाल के सिद्धांतों और आदर्शों की पालना करते रहे हैं और जननायक की तरह ही वह भी यह मानते हैं कि पार्टी किसी भी व्यक्ति विशेष या परिवार के सदस्य से बड़ी होती है। अत: उन्होंने कहा कि वे इस मामले में अनुशासन कार्रवाई समीति की सिफारिशों से सहमत हैं। तदानुसार उन्होंने पार्टी कार्यालय को यह निर्देश दिया है कि उनके निष्कासन के फैसले को तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए।
सूत्रों की माने तो दुष्यंत किसी अन्य पार्टी में शामिल हो सकते हैं। भाजपा उन पर डोरे डालने लगी है। कांग्रेस में वो शायद ही जाएँ। इस बड़े फैसले से चश्मा चकनाचूर होता दिख रहा है इनेलो इस फैसले के काफी कमजोर हो सकती हैं।

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