विष्णु दयाल ब्यूरो चीफ फरीदाबाद

फरीदाबाद 22 नवंबर : कमिश्नर मोहम्मद शाईन की गैरमौजूदगी इतनी नागवार लगी कि पार्षदों ने सदन की बैठक का बहिष्कार कर दिया। कई महीने से ना होने वाली बैठक को लेकर कमिश्नर ने 23 नवंबर का दिन सदन की बैठक के लिए मुर्ककर किया था। मेयर सुमनबाला से बातचीत होने के बाद वीरवार को सदन की बैठक होनी तय हुई। इसके लिए पार्षदों से उनके एजेंडे ले लिए गए, अधिकारियों ने उनका जवाब तैयार कर लिया।
इस दफा पहली बार ऐसा हुआ कि पार्षदों के सवालों के जवाब उन्हें पहले ही मिल गए। इसके बावजूद अधिकारियों से जुड़े अनेक मुद्दों को लेकर पार्षदों को सदन की बैठक में उनसे जवाब तलबी का बेसब्री से इंतजार था। पार्षद अपनी धार तेज करके बैठक में आए थे, ताकि अधिकारियों से अपनी समस्याओं को लेकर सीधी बातचीत की जाए। तय समय पर मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर एवं डिप्टी मेयर सहित तमाम पार्षद व अधिकारी निगम सभागार में पहुंच गए।
बैठक में पहुंचने पर पार्षदों को पता चला कि कमिश्नर मोहम्मद शाईन नहीं पहुंच रहे। यह सुनते ही पार्षद भडक़ गए। उन्होंने मेयर के सामने अपने गुस्से का इजहार किया तो मेयर ने भी उनकी हां में हां मिलाई। कुछ देर तक पार्षद अपनी नाराजगी से अधिकारी व दूसरे लोगों को अवगत करवाते रहे। हालांकि बैठक में अतिरिक्त आयुक्त भी मौजूद थे। लेकिन पार्षदों को गुस्सा आयुक्त को लेकर था।
कुछ देर तक भड़ास निकालने के बाद पार्षदों ने बैठक के बहिष्कार का निर्णय लिया और सभी सदन छोडक़र बाहर आ गए। पार्षदों की बेचारगी पर अधिकारी भी हंसते-मुस्कुराते हुए राहत की सांस लेकर निकल लिए। मेयर ने कहा कि वह पार्षदों की नाराजगी से सहमत हैं इतने महीने बाद होने वाली बैठक को अधिकारी गंभीरता से नहीं ले रहे। कमिश्नर को मौजूद होना चाहिए था, वह सदन की गरिमा को बनाए रखने के पक्ष में हैं।
वहीं सीनियर डिप्टी मेयर देवेंद्र चौधरी ने कहा कि बैठक की नई तिथि जल्द ही निर्धारित की जाएगी। डिप्टी मेयर मनमोहन गर्ग इस वाक्ये से खुश नहीं थे। उनका कहना है कि अधिकारी अपना रवैया सुधारने को तैयार नहीं हैं। इससे भाजपा सरकार की खासी फजीहत हो रही है। सरकार को भी यह समझना चाहिए, वर्ना लोगों की नाराजगी का नतीजा भुगतना होगा।

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