विष्णु दयाल ब्यूरो चीफ फरीदाबाद

फरीदाबाद 15/12/2018 : जी हाँ नोटबन्दी का झमेला फिर आपको परेशानी में डाल सकता ह । नोटबंदी के समय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रात के समय में पुराने 1000 और 500 रुपये के नोटों को बंद करने का जो ऐलान किया था, उससे देशभर में हड़कंप मच गया था। ऐसा ही कुछ किया है नेपाल की सरकार ने भी। वहां की सरकार ने देशहित में फैसला लेते हुए भारत मुद्रा में 200, 500 और 2000 रुपये नोट पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है।
अब नेपाल में सिर्फ 100 रुपये के भारतीय नोट ही चलेंगे। यही नहीं यदि कोई भी व्यक्ति इन भारतीय नोटों के साथ पकड़ा जाएगा तो उसके खिलाफ आर्थिक अपराध के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। नेपाल सरकार के प्रवक्ता और सूचना एवं प्रसारण मंत्री गोकुल प्रसाद बॉस्कोता ने मीडिया को यह जानकारी दी है। भारत मे नोटबंदी के बाद नेपाल अब भी पुराने एक हजार और पांच सौ के भारतीय नोट पड़े है, जिन्हें भारत सरकार द्वारा वापस नहीं लिया गया है। नेपाल में इस वक़्त करीब आठ करोड़ भारतीय पुराने नोट है। नेपाल सरकार ने यह कदम पुराने नोटो को बदलने के मामले में भारत सरकार द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किए जाने के विरोध में उठाया है। इस कदम से सबसे ज्यादा असर व्यापार और पर्यटन पर पड़ेगा।
नेपाल सरकार ने अभी तक भारत में नोटबंदी के बाद जारी हुई नई करेंसी को मान्यता तो नहीं दी थी पर उसे गैरकानूनी भी नहीं घोषित किया था। इससे नेपाल के बाजार में ये नोट चल रहे थे। अब नेपाल सरकार ने नई भारतीय करेंसी को गैरकानूनी घोषित करते हुए इनका प्रचलन पूरी तरह बंद कराने का फैसला किया है। अब भारतीयों को नेपाल में इस्तेमाल के लिए 100-50 या अन्य छोटे नोट ले जाने होंगे। या फिर उन्हें नेपाल बॉर्डर पर ही नए भारतीय नोटों को नेपाल की करेंसी से बदलना होगा।
नेपाल के संचार व सूचना मंत्री गोकुल प्रसाद बास्कोटा ने कहा कि नेपाल में आर्थिक अपराध और हवाला कारोबार पर रोक के लिए यह पहल की गई है। शुक्रवार से दो सौ, पांच सौ और दो हजार रुपये के भारतीय नोट नेपाल में गैरकानूनी हो जाएंगे। भारत से इन नोटों को लाना, पास में रखना, खरीद-फरोख्त में इस्तेमाल करना कानूनन अपराध माना जाएगा। उन्होंने कहा कि इसका प्रभाव नेपाल के पर्यटन उद्योग पर पड़ेगा, लेकिन देशहित में यह फैसला जरूरी था।



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