विष्णु दयाल ब्यूरो चीफ फरीदाबाद

फरीदाबाद 12 दिसंबर 2018: आज  फार्मेसी कौंसिल ऑफ इंडिया ने एक ड्राफ्ट सर्कुलर जारी करते हुए डिप्लोमा कर रहे फार्मासिस्टों के लिये मुश्किल खड़ी कर दी है। फार्मेसी कौंसिल  डिप्लोमा इन फार्मेसी एक्जिट एग्जामिनेशन रेगुलेशन 2018 पास कर रही है जिसके हिसाब से अब डिप्लोमा इन फार्मेसी करने वालों को यह एग्जाम पास करना जरूरी है तभी जाकर वह रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट बन सकेंगे और अपनी फार्मेसी प्रैक्टिस , मेडिकल  स्टोर कर पाएंगे।फार्मेसी कौंसिल  यह रेगुलेशन  2015 में पास करने वाली थी लेकिन किसी बजय से पास नही हो सका।
यह पीसीआई द्वारा लागू किया पहला रेगुलेशन होगा जिसमें डिप्लोमा इन फार्मेसी कर रहे स्टूडेंट्स को रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट बनने के लिये इस एग्जाम को पास करना अनिवार्य होगा। पीसीआई के अनुसार बगैर इस एग्जाम को पास किया कोई भी अपनी फार्मेसी प्रैक्टिस व मेडिकल स्टोर नही कर सकता है।

फार्मेसी एग्जिट एग्जाम की जरूरत क्यों?
देश भर के फार्मासिस्ट व एसोसिएशन लंबे समय से सोशल मीडिया में डिप्लोमा इन फार्मेसी कोर्स को बंद करने की मांग कर रहे थे।सूचना में आया था कि देश भर मे कई कॉलेजेस व यूनिवर्सिटी स्टूडेंट को डिप्लोमा इन फार्मेसी कोर्स को नॉन अटेंडिंग क्लास करवा रही हैं  जिसकी एवज़ में वो रिश्वत लेती हैं ।
यही नही डिप्लोमा इन फार्मेसी एक ऐसा टेक्निकल कोर्स है जिसमे एडमिशन की कोई भी उम्र सीमा नही है जिसका फायदा ऐस केमिस्ट व लोग उठा रहे थे जो अपनी फार्मेसी बगैर फार्मासिस्ट के चला रहे हैं लेकिन अब देश भर में रेंटिंग सिस्टम का विरोध किया जा रहा है और ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के अनुसार मेडिकल शॉप पर फार्मासिस्ट की अनिवार्यता है।जिसको देखते हुए बहुत से दवा व्यापारी कॉलेज में मोटा पैसा देकर डिप्लोमा इन फार्मेसी घर बैठे हुए व अपना फार्मेसी शॉप करते हुए कर रहे हैं जिससे फार्मेसी व शिक्षा का स्तर गिरता जा रहा है।इसीलिए डिप्लोमा इन फार्मेसी को बंद करने की गुहार देश भर के फार्मासिस्ट्स व फार्मासिस्ट संघ द्वारा सरकार व कौंसिल से लगायी जा रही है लेकिन कौंसिल देश मे फार्मासिस्ट्स की कमी है यह कहते हुए पल्ला झाड़ लेती है और डिप्लोमा बंद नही कर रही है और कई कॉलेजेस में डिप्लोमा फार्मेसी कोर्स शुरू हो चुके हैं।

फार्मासिस्ट फाउंडेशन ने पीसीआई के इस रेगुलेशन का स्वागत किया और सराहना भी की।
फाउंडेशन प्रदेश अध्यक्ष दीपक त्रिपाठी ने कहा कि चलो इस फार्मेसी एग्जिट एग्जाम रेगुलेशन पास होने से झोलाछाप व्यक्ति  जो नॉनअटेंडिंग क्लास करते हैं उनके लिये यह पास करना बहुत मुश्किल होगा।

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