विष्णु दयाल ब्युरो चीफ फरीदाबाद

फरीदाबाद 11/01/2019 : भरष्टाचार व लालच ने आज  इन्सान को इतना गिरा दिया है कि उसे सिर्फ अपनी जेब भरने की ललक रहती है । इन्ही तरह के लोगों के कारण न चाहते हुए भी नकली सामान का खाना हमारी ज़िन्दगी का हिस्सा बन चूका है। तकरीबन सभी लोग जाने या फिर अन्जाने में सस्ते के लालच में या फिर पूरी जानकारी के अभाव में इसे खरीद रहे हैं और प्रयोग कर रहे हैं। भारतीय खाने का एक अहम् हिस्सा बन चके देसी घी एक ऐसी चीज़ है जिसका जितना अधिक सेवन है उतना ही अधिक नकली भी। नकली घी बनाने के बहुत सारे तरीके हैं। कुछ नक्काल इसे वनस्पति तेल में देसी घी की सुगंध मिला कर बनाते हैं तो कुछ मरे हुए जानवरों की चर्बी में तेल या फिर कुछ मात्रा असली घी की मिलावट कर बेच देते हैं। कई बार असल घी भी बेचा जाता है पर वो काफी निचले दर्जे का गन्दा घी होता है जो सरकार द्वारा स्थापित किसी भी मानक पर खरा नहीं उतर सकता। चाहे इसे किसी भी तरीके से बनाया जाए पर ज़्यादातर बेचने का तरीका एक ही होता है।
फरीदाबाद में आज एक प्रेस वार्ता में एक बड़ा खुलासा किया गया है। इस प्रेस वार्ता में पदमश्री ब्रम्हदत्त, विश्व विख्यात डॉ बिस्वरूप रॉय चौधुरी ,अनशनकारी बाबा राम केवल, वरुण श्योकंद, दीपक मिश्रा आदि शामिल थे। समाजसेवी वरुण श्योकंद ने बताया कि हमने बल्लभगढ़ में रमेशा डेरी आंबेडकर चौक की दुकान से 1 सैंपल लिया और ऐसा ही सैंपल एक मिल्क फूड घी का लिया जोकि फरीदाबाद के सेक्टर 10 की मार्केट से खरीदा गया और दिल्ली की Sophisticated industrial material analysis Lab pvt Ltd से टेस्ट करवाया, जिसमें दोनों ही घी मिलावटी पाए गए और इनमें एनिमल फैट की मात्रा भी पाई गई।
MILK food contains more animals fat. इसके अलावा इसमें तिल का तेल व सब्जियों का तेल मिला हुआ पाया गया, डॉ विश्वरूप राय के अनुसार ऐसा घी खाने से पूरे शरीर में कहीं भी ब्लॉकेज और कैंसर तक हो सकता है। इसके अलावा ऐसे घी से जो लोग मीट मांस नहीं खाते अथवा शाकाहारी हैं उनकी भावनाओं को ठेस पहुंची है, क्योंकि मिल्कफूड घी के ऊपर तो बकायदा हरा निशान लगा हुआ है इसका मतलब है कि यह शुद्ध शाकाहार है। पर ऐसा है नहीं दिल्ली की गवर्नमेंट अप्रूव्ड लैब से हमने इन घी का टेस्ट करवाया है।। MILK FOOD GHEE जो कि हमारे हर रोज घरों में इस्तेमाल हो रहा है मिलावटी पाया गया और इसमें एनिमल फैट की मात्रा भी पाई गई है, यही हाल बल्लभगढ़ में बिक रहे ढाई सौ रुपए किलो घी का भी है जो हमने एक रमेशा नाम की दुकान से उठाया वह भी मिलावटी है।

Post A Comment:

0 comments: