विष्णु दयाल ब्यूरो चीफ फरीदाबाद

फरीदाबाद 17 अप्रैल।  इंडस्ट्रियल मॉडल टाउन (आईएमटी) के लिए 2006 में दिए गए जमीन का मुआवजा और अधिग्रहण शर्तों को पूरा कराने के लिए धरने पर बैठे मच्छगर, मुजेहड़ी, चंदावली, सोतई, नवादा और ऊंचागांव के किसान सरकार की बुधवार डेढ़ साल पूरे हो गए। डेढ़ साल पूरे होने पर नाराज किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। डेढ़ साल से धरने पर बैठे किसान खुद  खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। बुधवार धरने को सम्बोधित करते हुए  संघर्ष समिति के प्रधान राम निवास नागर ने कहा कि वर्ष 2006 में आईएमटी के लिए पांच गांवों की जमीन अधिगृहीत की थी। किसानों को तय दर से मुआवजा दिया गया तो पीड़ित पक्ष ने उच्च न्यायालय की शरण ली थी। उच्च न्यायालय ने 2014 को सरकार को आदेश जारी किए थे कि किसानों को 1230 रुपये प्रति वर्ग गज की दर से मुआवजा अदा करे। नागर ने कहा कि साढ़े चार वर्ष बीत गए लेकिन आज तक किसानों को मुआवजा नहीं मिला।



उन्होंने बताया कि अपना हक मांगने के लिए किसानों ने 20 अप्रैल 2016 से धरना किया, तब सरकार ने मांगों को जायज माना था और केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने 10 मई 2016 को प्रशासन की उपस्थिति में लिखित समझौता करवा 30 जुलाई 2016 तक किसानों का बकाया मुआवजा देने का वादा किया था।लेकिन आज तक कुछ नहीं मिला। कई बार जिले के नेताओं के चौखट खटखटाना पड़ा। अधिकारियों से गुहार लगाईं गई।



धरने को सम्बोधित करते हुए चंदावली गांव की पूर्व सरपंच रचना शर्मा ने कहा कि डेढ़ साल ( 482 दिन )  से किसान यहाँ धरने पर बैठे हैं लेकिन सरकार और अधिकारी कुम्भकर्णी नींद में सो रहे हैं। किसानों संग धोखेबाजी की गई है। उन्होंने कहा कि किसानों नेता अधिकारी सब धोखा देते रहे। रचना शर्मा ने कहा कि अगर किसानों की मांगे नहीं पूरी की गईं तो किसान लोकसभा चुनावों का बहिष्कार करेंगे। नोटा दबाएंगे। इस मौके पर नत्थी शर्मा, विजय रावत एडवोकेट, देवेंद्र रावत, केहर सिंह रावत, किशन धनकड़, टेकराम टोंगर, जयपाल सूबेदार, जगदीश सरपंच, जीतराम फोरमैन, महाबीर यादव, फूल सिंह चहल, मेवाराम, सुनील पहलवान, मवासी राम, पालू नागर, वितेष यादव, मूर्ती देवी, रमभोली देवी, ओमवती, प्रेमवती देवी, भगवती देवी, सुनीता आदि मौजूद थे।

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