प्रमोद कुमार जायसवाल :- नई दिल्ली। गृहमंत्री अमित शाह ने आज राज्यसभा में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कांग्रेस के कपिल सिब्बल के एक प्रश्न के जबाव में कहा कि एन पी आर में कोई डाक्यूमेंट नहीं मांगा जायेगा। एन पी आर की प्रक्रिया के दौरान इस बात की छूट रहेगी कि आप किसी सवाल का जबाव देने के लिए बाध्यता नहीं होगी। अमित शाह ने साफ किया कि दिल्ली दंगों में विदेशी फंडिंग हुई।

अमित शाह ने कहा कि शाहीन बाग में प्रदर्शन करने वालों का अधिकार था लेकिन जगह उपयुक्त नहीं थी। धरना और प्रदर्शन हर किसी का मौलिक अधिकार है। गृहमंत्री अमित शाह राज्यसभा में दिल्‍ली दंगों को लेकर अपना जबाव दे रहे थे। जस्टिस मुरलीधर के तबादले की प्रक्रिया एक सामान्य प्रक्रिया थी उसका किसी केस से मतलब नहीं है। जजों के तबादले में सरकार की कोई भूमिका नहीं होती।

अमित शाह ने कहा कि नफरत भरी स्पीच देकर ट्रंप के भारत आगमन पर देश की छवि खराब करने की कुचेष्टा की गई। अमित शाह ने तंज कसते हुए कहा कि दंगे कराना हमारी फितरत में नहीं है। दंगाइयों को सजा देना हमारी फितरत में है। उन्होंने पिछले कई वर्षों में हुये दंगों को गिनाते हुये कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल में ज्यादा दंगे हुये। गृहमंत्री ने कहा कि दंगों को भाजपा से जोड़ा जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। अमित शाह ने कहा कि 76प्रतिशत दंगे कांग्रेस शासन में हुये हैं।

सीएए और एन पी ए पर चर्चा के लिए अमित शाह ने कांग्रेस के कपिल सिब्बल और आनंद शर्मा को अपने साथ चर्चा के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि अल्पसंख्यकों के प्रति भ्रामक प्रचार न किये जायें।

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