पवन कुमार जयसवाल की रिपोर्ट /इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर में शनिवार रात एक पुलिस इंस्पेक्टर की कोरोना संक्रमण के चलते मौत हो गई. कोरोना के लक्षण दिखने पर जूनी इंदौर थाना प्रभारी देवेंद्र चंद्रवंशी को बीते 30 मार्च को अरविंदो अस्पताल में भर्ती कराया गया था. यहां उनकी कोविड-19 जांच की गई थी जो पॉजिटिव आई थी. इलाज के बाद उनके स्वास्थ्य में लगातार सुधार हो रहा था. इसके बाद 13 और 15 अप्रैल को देवेंद्र चंद्रवंशी के लिए गए सैंपल्स की कोविड-19 टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आई थी.।
उन्हें आज अस्पताल से डिस्चार्ज किया जाना था लेकिन शनिवार रात 11.30 बजे अचानक उनकी सांसें तेज चलने लगीं और हार्ट बीट रेट काफी तेज हो गया. अरविंदो हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉक्टर विनोद भंडारी के अनुसार देवेंद्र चंद्रवंशी को पल्मोनरी एम्बोलिज्म हुआ था जो एक तरह का हार्ट अटैक है. यह नॉर्मल लोगो में भी होता है. डॉक्टर भंडारी के मुताबिक यही उनकी मौत का प्रमुख कारण रहा.।
इंदौर के पुलिस इंस्पेक्टर देवेंद्र चंद्रवंशी के निधन पर मुख्यमंत्री शिवराज ने ट्वीट कर कहा, 'इंदौर की हमारी पुलिस टीम के कर्तव्यनिष्ठ सदस्य, पूर्व थाना प्रभारी, निरीक्षक श्री देवेंद्र कुमार जी ने कोरोना से जंग में कर्तव्य की बलिवेदी पर अपने प्राण न्योछावर कर दिए. इंदौर के अरविंदों अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था और हाल ही में उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई थी और ये हमारे लिए एक अच्छी खबर थी. लेकिन कल देर रात अचानक ही दो बजे उनकी मृत्यु का दुःखद समाचार मिला.'।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इंस्पेक्टर देवेंद्र चंद्रवंशी के परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और उनकी पत्नी को उप निरिक्षक पद पर नौकरी देने की घोषणा की. उन्होंने ट्वीट किया, 'मैं उनके चरणों में श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं. इस संकट की घड़ी में मेरे साथ पूरा प्रदेश उनके साथ खड़ा है. शोकाकुल परिवार को राज्य शासन की ओर से सुरक्षा कवच के रूप में 50 लाख रुपये की राशि और उनकी पत्नी श्रीमती सुषमा जी को विभाग में उप निरीक्षक के पद पर नियुक्ति दी जा रही है.'।
डीजीपी विवेक जौहरी ने इंस्पेक्टर देवेंद्र को दी श्रद्धांजलि
मध्य प्रदेश के डीजीपी विवेक जौहरी ने पूरे पुलिस परिवार की ओर से देवेंद्र चंद्रवंशी के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने अपने शोक संदेश में कहर, 'हमारे बहादुर युवा पुलिस अधिकारी के आसामयिक निधन से पूरा मध्य प्रदेश पुलिस परिवार स्तब्ध एवं शोकाकुल है. उनके द्वारा प्रदर्शित कर्तव्य परायणता एवं साहस से हम सभी गौरवान्वित हुए हैं.'।
उन्होंने आगे​ लिखा, 'देवेंद्र अस्पताल में भर्ती रहते हुए भी निरंतर अपने कर्मचारियों की चिंता तथा अपने थाना क्षेत्र में इस आपदा के प्रबंधन में शामिल रहना चाहते थे. वरिष्ठ अधिकारियों के बहुत अनुरोध पर ही उन्होंने अपना फोन सौंपा. अस्पताल में भी वह सभी को प्रोत्साहित करते रहे, उनके आकस्मिक निधन से अस्पताल कर्मी भी अश्रुपूरित थे. ईश्वर से उनके परिवार को यह घोर दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना है. मध्यप्रदेश पुलिस इस कठिन समय में उनके परिवार के साथ है.'।

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