फरीदाबाद 3 मई Reporter kamleshwar chaddha
लॉकडाउन के दौरान बनी परिस्थितियों में जरूरतमंद लोगों के लिए पका भोजन तैयार करने में सेक्टर-15 स्थित श्री गुरुद्वारा सिंह सभा की ओर से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही जिला प्रशासन के आह्वान पर शहर के विभिन्न संगठनों के सहयोग से यहां सेंट्रल रसोई बनाई गई, जिसके माध्यम से सुबह-शाम करीब 15-15 हजार खाने के पैकेट्स तैयार किए गए।
श्री गुरुद्वारा सिंह सभा के उपप्रधान अमरजीत सिंह ने बताया कि लॉकडॉउन में जब दिहाड़ीदार मजदूरों व अन्य गरीब लोगों को खाने की समस्या आई तो विभिन्न एनजीओ के सहयोग से यहां पका खाना तैयार करने की व्यवस्था बड़े स्तर पर की गई, जिनमें मुख्यतः गुरुद्वारा संगत व विकटोरा फाउंडेशन से  हरदीप सिंह बांगा, सर्वोदय फाउंडेशन की संचालिका अंशु गुप्ता, फरीदाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अजय जुनेजा व नवदीप चावला, यूनाइटेड सिख के जसमीत सिंह व परमिंदर सिंह तथा रोटरी क्लब के प्रतिनिधियों के सहयोग से यहां प्रतिदिन पका खाना के पैकेट्स तैयार किए जाते फिर इन्हें शहर के सभी 40 वार्डों में भेजा जाता। इसके बाद जिला प्रशासन की ओर से सभी 40 वार्डों में नियुक्त किए गए अधिकारियों व वालिंटियर्स तथा गुरूद्वारा की ओर से नियुक्त नोडल अधिकारी हरविंदर की देख-रेख में प्रतिदिन सुबह व शाम को 15-15 हजार खाने के पैकेट्स जरूरतमंद गरीब लोगों को वितरित किए गए। शहर की स्लम बस्तियों में भी प्रतिदिन पौष्टिक व गुणवत्तापरक पका भोजन भेजा गया, जिसमें दाल- रोटी, वैजिलेबल आदि था। उन्होंने बताया कि गुरुद्वारे की सारी संगत सहित गुरुप्रसाद सिंह, सुखबीर सिंह, सतेंद्र सिंह, इंद्रजीत सिंह, राजेंद्र नागपाल, जेके गुप्ता के सामूहिक प्रयासों ने साबित कर दिया कि गुरुनानक देव के दिखाए मार्ग पर चलकर कोरोना जैसी आपात परिस्थितियों से निपटने के लिये गुरु के सिंह पूरी तरह सक्षम हैं। जो समाज की सेवा करने के लिये दिन-रात जुटे हुए हैं। अमरजीत सिंह ने लोगों से अपील की है कि इस गुरु के लंगर रूपी प्रसाद (भोजन) का मान रखते हुए उतना ही मंगवाएं, जितने की उन्हें आवश्यकता है और इसे श्रद्धापूर्वक ग्रहण करें, ताकि यह व्यर्थ न हो और भोजन का मान बना रहे तथा यह हर जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुँच सके। इसी प्रकार यहां पर प्रतिदिन पूरे क्षेत्र को सेनेटाइज किया जाता है तथा जिन गाड़ियों में पका भोजन भेजा जाता है, उन्हें भी प्रतिदिन सेनेटाइज किया जाता है।


उप सिविल सर्जन एवं जिला नोडल अधिकारी-कोरोना डा. रामभगत ने बताया कि जिला में अब तक 4424 यात्रियों को सर्विलांस पर लिया जा चुका है, जिनमें से 1256 लोगों का निगरानी में रखने का 28 दिन का पीरियड पूरा हो चुका है। शेष 3168 लोग अंडर सर्विलांस हैं। कुल सर्विलांस में रखे गए लोगों में से 4351 होम आइसोलेशन पर हैं। अब तक 3497 लोगों के सैंपल लैब में भेजे गए थे, जिनमें से 3266 की नेगेटिव रिपोर्ट मिली है तथा 158 की रिपोर्ट आनी शेष है। अब तक 73 लोगों के सैंपल पॉजिटिव मिले हैं, जिनमें से 30 लोगों को अस्पताल में दाखिल किया गया है तथा ठीक होने के बाद 42 को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया है। इसमें एक मरीज की मौत भी हो गई है।
उन्होंने बताया कि सभी मेडिकल और पैरा मेडिकल स्टाफ को कोविड-19 की रोकथाम और प्रबंधन के लिए प्रशिक्षित किया गया है। इसी प्रकार पर्यावरण स्वच्छता और शुद्धीकरण के बारे में सरकारी व निजी विभागों के कर्मचारियों को दैनिक आधार पर प्रशिक्षण दिया जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस के संभावित संक्रमण की पृष्ठभूमि को देखते हुए आम जनता को सरकार द्वारा स्वास्थ्य संबंधी हिदायतों की अनुपालना करने की सलाह दी जाती है। लोगो को ध्यान रखना चाहिए कि खाँसी व छींकते समय रूमाल या तौलिया का उपयोग अवश्य करें, हाथों को बार-बार साबुन व पानी से धोते रहें। जब तक बहुत जरूरी न हो, घर से बाहर न निकलें। सार्वजनिक स्थलों व सभाओं में जाने से बचें। जिन लोगों ने हाल ही में कोरोना प्रभावित देशों की यात्रा की है, उन्हें राष्ट्रीय, राज्य या जिला हेल्पलाइन नंबरों पर सूचना देनी चाहिए, उन्हें भारत में आगमन की तारीख से 28 दिनों के लिए सभी से अलग रहना है और किसी से भी स्पर्श करने से बचना है, भले ही उसमें कोई लक्षण न हों

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