दमोह मध्यप्रदेश बबलू बंसल
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जगन्नाथ स्वामी रथ यात्रा की पहले भगवान बीमार हो जाते हैं। और भगवान को उपचार दिया जाता है इसके साथ ही भगवान भक्तों को दर्शन नहीं देते। मतलब करीब 1 पक्ष यानी 15 दिन तक भगवान क्वारंटाइन हों जाते हैं। दमोह की 200 वर्ष प्राचीन श्री जगदीश स्वामी मंदिर में भी भगवान बीमार हो गए हैं और वे अब 15 दिन बाद ही भक्तों को दर्शन देंगे। प्राचीन मान्यताओं के अनुसार श्री भगवान जगदीश स्वामी आषाढ़ मास कृष्ण पक्ष में 15 दिन तक बीमार रहती हैं। सर्दी जुखाम होने के कारण भगवान भक्तों को दर्शन नहीं देते वही मंदिर में भगवान की सेवा करने वाले पुजारी भगवान की सेवा करते हैं। वही एक बैध् यानी डॉक्टर भी सुबह-शाम भगवान की चिकित्सा उपचार करता है। मतलब यह है कि इलाज भी करता है और भगवान को देसी दवाइयां भी दी जाती हैं। इस समय यह खबर इसलिए भी खास है क्योंकि इन कोरोना संक्रमण के कारण 14 दिन का क्वारंटाइन किया जा रहा है। आषाढ़ मास के परंपराओं के अनुसार भगवान श्री जगदीश स्वामी को क्वारंटाइन हो गए हैं। ऐसे में पुरानी परंपरा के अनुसार इस बीमारी से निपटने के लिए आधा महीने किसी एकांत जगह में रहना होगा। और दवाइयां लेनी होगी यही सब कुछ कोरोना बीमारी में भी हो रहा है। लोग अब मान रहे हैं भारतीय संस्कृति की पुरानी परंपराएं हमेशा नया संदेश देती हैं। और इन दिनों भगवान जगदीश स्वामी क्वारंटाइन हो जाना कोरोना से जोड़कर देखा जा रहा है।
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बबलू बंसल

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