रिपोर्ट- सत्यम शिवम सत्यम
* एक योजना के नाम से चार योजना नहीं तो सूचना देने से क्यों कतराते अधिकारी- सुरेन्द्र सिंह
समस्तीपुर/ताजपुर:30 जून 2020
एक योजना कराकर चार-चार योजना का रूपये फर्जीवाड़ा कर उठाने का मामला रामापुर महेशपुर पंचायत के जल-जीवन हरियाली पोखर पर सामने आने के बाद क्षेत्र में भाड़ी लूट से संबंधित चर्चा का बाजार गर्म है. मामला तब और बढ़ गया जब कराये गये योजना से संबंधित अभिलेख संबंधित अधिकारी देने से इंकार कर गये. इससे गुस्साए भाकपा माले कार्यकर्ताओं ने प्रखंड सचिव सुरेन्द्र प्रसाद सिंह के साथ प्रखंड मुख्यालय जाकर कई सूचना आवेदन बीडीओ को थमाते हुए 4 जुलाई को 11 बजे से अस्पताल चौक से जुलूस निकालकर प्रखंड मुख्यालय का घेराव की घोषणा कर दी.
  प्रखंड मुख्यालय पर आवेदन देने के बाद पत्रकारों के सबाल का जबाब देते हुए माले नेता सुरेन्द्र प्रसाद सिंह ने कहा कि जब 26 लाख रूपये का पोखर उड़ाही कर भींडा पर मिट्टी डाला ही गया तो फिर 48 लाख रूपये भींडा भराई के नाम पर कैसे उठाया गया. जब 23 लाख रूपये सुरक्षा दीवार का मिला ही तो पुनः घेराबंदी के नाम पर 18 लाख रुपये कैसे उठाया गया.  25 लाख रूपये के वृक्षारोपण योजना में बमुश्किल सौ पेड़ भी नहीं दिखता. नलजल योजना के नाम पर 24 लाख रूपये उठा लिया गया जबकी नकली सामान लगाने के कारण नलजल योजना दम तोड़ता नजर आ रहा है. आश्चर्य है कि 14 योजना कुल 3 करोड़ 68 लाख 77 हजार रूपये के करने के बाबजूद चारों तरफ सौंदर्यीकरण के नाम पर 18 लाख रुपये उठा लिया गया. यहाँ तक कि मजदूर के जगह ट्रेक्टर, जेसीबी आदि से काम कराये जाने के बाबजूद संपूर्ण लाकडाउन से लेकर अभी तक खासमखास मजदूर के नाम से रूपये फर्जीवाड़ा का खेल चल रहा है. इसमें पंचायत के कर्मी, जनप्रतिनिधि से लेकर अधिकारी तक पर मोटी कमाई कमाई करने का आरोप लग रहा है. पंचायत, प्रखंड ही नहीं जिलेवासी का ध्यान यह करीब 4 करोड़ का भ्रष्टाचार का भेंट चढ़ा योजना खींचा है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भाकपा माले इस मामले को कहाँ तक ले जा पाती है और इसमें उसे किस- किस दल, संगठन, जनप्रतिनिधि का साथ मिलता है. तहखाने से पता चला है कि सूचना अधिकारी से निकाले गये दस्तावेज का उपयोग बिहार विधानसभा के आगामी सत्र में माले विधायकों द्वारा सदन में नीतीश सरकार से सबाल पूछने में किया जाएगा.

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