इस मेले के आयोजन के संबंध में स्थानीय मंदिरों जैसे दानघाटी मानसी गंगा मुखारविंद जतीपुरा मुखारविंद के सेवायत ओं रिसीवर एवं मुड़िया पुणो मेला से संबंधित प्रमुख संतों एवं धर्म आचार्यों एवं परिक्रमा मार्ग पर स्थित नगर पंचायत गोवर्धन राधा कुंड एवं ग्राम पंचायत जतीपुरा ए सकीतराए राधाकुंड देहात के प्रधानों के प्रार्थना पत्रों पर विचार विमर्श किया गया । इन प्रार्थना पत्रों में कहा गया था कि मुड़िया मेला में करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। वर्तमान में वैश्विक महामारी कोविड.19 से संपूर्ण देश प्रभावित है तथा गोवर्धन एवं मथुरा के कई इलाके हॉटस्पॉट के कारण सील है। आसपास के प्रांतों में कोरोनावायरस की संख्या भी काफी है। प्रमुख मंदिर गोवर्धन 8 जुलाई तक बंद है। मेला लगने से श्रद्धालुओं की अधिक संख्या के कारण सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन संभव नहीं हो सकेगा। अतः 1 जुलाई से 5 जुलाई के मध्य लगने वाले राजकीय मेला मुड़िया पूनो को स्थगित कर गोवर्धन परिक्रमा पर पूर्ण रोक लगाई जाए। बैठक में तय हुआ के इस वर्ष मेले का आयोजन स्थगित कर दिया जाए। मुड़िया पूनो मेला में न सिर्फ़ आसपास के जनपदों बल्कि विभिन्न प्रांत से लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। मथुरा जनपद के अलावा राजस्थान प्रदेश के जनपद भरतपुर भी उक्त महामारी से प्रभावित है। उल्लेखनीय है कि इस मेले की परिक्रमा मार्ग में भरतपुर का ढाई तीन किलोमीटर का क्षेत्रफल पड़ता है।

इन सभी परिस्थितियों को मद्देनजर रखते हुए जिलाधिकारी ने मुड़िया पूर्णिमा मेले को निरस्त करने के आदेश जारी कर दिए हैं।

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