श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर विशेष 

कन्हैया शर्मा मथुरा विश्व कल्याण के लिए जन्म लेने वाले श्री कृष्ण भक्तों के प्राण धन अध्यात्म स्वरूप श्री कृष्ण के जन्म उत्सव बृज में अद्भुत रूप से मनाया जाता है नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की रसिक जनों को सुख देने के लिए भगवान हर युग में अवतार धारण करते हैं द्वापर युग से चले आ रही श्री कृष्ण जन्म उत्सव की यह परंपरा आज समूचे विश्व में मनाई जा रही है आज भारत ही नहीं सारा विश्व श्री कृष्ण जन्म उत्सव मना रहा है कहते हैं विश्व की आत्मा भारत है तो भारत की आत्मा ब्रज को कहते हैं बृज की आत्मा श्री कृष्ण समस्त शक्तियों को धारण कर जब  इस भूमंडल पर अवतार धारण किया तो बृज वासियों में हर्ष उल्लास तो अत्याचारी कंस के मन में भय पैदा हुआ देवता और असुरों में यह युद्ध परंपरा युग युगांतर से चली आ रही है धरती पर अत्याचार बढ़ने के कारण देवताओं की प्रार्थना सुनकर प्रभु अवतार धारण करते हैं जब प्रभु अवतार लेते हैं अत्याचारियों के मन में भय पैदा होता है एक तरफ आनंद पैदा होता है तो दूसरी तरफ राक्षसों मन में भय की उत्पत्ति होती है  रसिक जन प्रभु की आनंदमई छवि को प्राप्त करने के लिए युग युगांतर समाधि में जिन्हें ध्यान करते रहते हैं आध्यात्मिक स्वरूप श्री कृष्ण चराचर जगत की आत्मा कहे गए हैं भगवान के कई अवतारों के बारे में धर्म शास्त्रों में लिखा गया है किसी भी अवतार में अपने आप को भगवान होने का नहीं कहा लेकिन श्रीकृष्ण ने महाभारत के युद्ध में अर्जुन को कहा कि मैं भगवान हूं समस्त विश्व की आत्मा हूं मैं ही करता हूं मैं ही कर्म हूं और मैं ही कर्म का फल हूं इसलिए भगवान कृष्ण को कर्मयोगी भी कहते हैं कर्म योग ज्ञान योग भक्ति योग का ज्ञान देने वाले जन-जन के आराध्य श्री कृष्ण के जन्म उत्सव को बृज में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है

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