फरेंदा तहसील के विकास खण्ड बृजमनगंज अंतर्गत ग्राम पंचायत परासखांड़ में जिलाधिकारी महराजगंज के निर्देश पर आयी जाँच टीम बिना अभिलेख के ही हवा हवाई में जाँच कर चली गयी।बिना अभिलेख के हवा हवाई में जाँच करने पर ग्रामीण बिदक गये।हालत की नजाकत को देखते हुए जांच टीम ने कोल्हुई पुलिस की मदद से जाँच की कार्यवाही पूरी की।

        विकास खण्ड  बृजमनगंज के कोल्हुई थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत परसखाड़ में  डीएम के आदेश पर जाँच  टीम गठित किया गया। सम्पूर्ण ग्राम के निधि के तहत कराये  गये कार्यों की जाँच के लिए ग्राम पंचायत निवासी अनिल कुमार शुक्ल व् अशोक कुमार शुक्ल ने सम्पूर्ण ग्राम निधि के कार्यों  घपलेबाजी किये जाने की जाँच के लिए जिलाधिकारी महराजगंज से शिकायत की थी। जिसे जिलाधिकारी महराज गंज ने गंभीरता से लेते हुए जाँच के निर्देश दिए। जाँच टीम में जिले के जिला प्रोवंशन अधिकारी ध्रुव चन्द्र त्रिपाठी, ज,ई एक्सियन एम, आई फरेन्दा महराजगंज(नहर विभाग)'संरक्षण अधिकारी जकी अहमद, एम0 सी0 पी0 ओ0 मनोज कुमार आदि  टीम के साथ पहचे, ग्राम पंचायत के टी, ए अशोक मिश्र, ग्रा0 प0 वि0 अधिकारी यदुनन्दन आदि लोग मौजूद रहे।

 मौके पर आए आधिकारी व मनरेगा के टी, ए , मौके पर आईं जांच टीम के पास भी ग्राम पंचायत द्वारा कराए गए विकास कार्यों का कोई भी अभिलेख  मौजूद नहीं था। पूछे जाने पर जांच आधिकारी ने बताया कि जिले पर अभिलेख है। ब्लाक के ग्राम पंचायत विकास अधिकारी व मनरेगा के टी, ए भी अभिलेख नहीं लेकर आए।  ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पशु निधि का दुरुपयोग ग्राम रोजगार, सफाई कर्मी दोनों सगे भाई को सारा का सारा लाभ पात्र बना कर दे दिया गया। जो कि अपात्र थे । ग्राम वासियों ने बताया की रोजगार सेवक द्वारा ही ग्राम पंचायत की संपूर्ण निधि को चलाया जात है यहां तक की वर्ष 2018/18 में नाली निर्माण के कार्य में नौ लाख दस हजार रुपए बिना विकाश कार्य कराए गए धन की निकासी का मामला उजागर हो गया के घर के लोगों को बिना कार्य कराए खाते में मजदूरी चली जाती है।बिना अभिलेख सारी जाँच हवा हवाई दिखाई दी। यहां तक जब जांच आधिकारी हवा हवाई में बात करने लगे तो ग्रामीणों  ने आपत्ति की। ग्रामीणों का गुस्सा को जाँच टीम ने कोल्हुई थाने पर फोन कर अवगत कराया ।कोल्हुई थाने के उप निरीक्षक धनञ्जय सिंह अपने हमरारी के साथ मौके पर पहुंचे गए ।उन्होंने भीड़ को तितर वितर किया ।तब जाकर जाँच टीम अपनी बिना अभिलेख के ही जाँच पूरी की।जिसे ग्रामीणों ने आरोप लगाये कि जाँच टीम  अपने कर्मचारियों को बचाने के लिए पूरी तरह हवा हवाई में ही जाँच कर चले गये।  मजे की बात ये है कि चार साल से सफाई कर्मी अरविन्द कुमार ग्राम पंचायत में दिखा तक नहीं ।ग्राम वासियो को अपने सफाई कर्मी को पहचाने में दिक्कत आई ।उसी दौरान ग्राम प्रधान जनार्दन विश्वकर्मा,पूर्व प्रधान खान मोहमद, सिंघबली विश्कर्मा, क्षेत्र पंचायत सदस्य आबिद अली, राजेन्द्र शुक्ला, पूर्व ग्राम प्रधान राजाराम चौधरी,भूपेश नारायण शुक्ला आदि ग्रामवासी मौजूद थे। सब मिला कर जांच टीम ने अपनी कागजी कार्रवाई करके कोरम पूरा करके लीपापोती करने में लगे  रहे। जब इस सम्बन्ध में ग्राम प्रधान से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मेरे ऊपर लगाया गया आरोप बेबुनियाद है। जब शिकायत कर्ता से पुछा गया तो उन्होने कहा कि सम्पूर्ण ग्राम निधि का दुरूपयोग किया गया है। चौदहवा वित्तीय की कई लाखो का गोल मोल किया गया है आखिर सबसे बड़ा प्रश्न चिन्ह ये बनता है की जिले के कलेक्टर के आदेश को दरकिनार करके जांच की गई क्योंकि आदेश के बावजूद बिना अभिलेख की जांच की गई

      कुल मिला कर जाँच टीम के आने और जाँच करने पर अब परासखांड़ की राजनीति गरमा गयी है।ऊंट किस करवट बैठेगा यह भवि beष्य के गोद में है।गाँव की राजनीति डवाँडोल हो गयी है।

*सुनील कुमार गुप्ता जिला रिपोर्ट*

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