विष्णु दयाल ब्यूरो चीफ फरीदाबाद



फरीदाबाद 18 सितंबर : भ्रष्टाचार और खोखली दिखावी कार्रवाई के मामले में फरीदाबाद नगर निगम का कोई सानी नहीं है। पूरा साल नगर निगम के यह भ्रष्ट अधिकारी सोए रहते हैं इनकी आंखों के नीचे ही  पानी के ब्लैक मेलिंग का कारोबार धड़ल्ले से चलता है l परंतु जब अचानक में इनकी ने अधिकारियों की नींद खुलती है  तब वह हड़बड़ी में  शहर के अंदर चल रहे  अवैध ट्यूबलो और पानी के टैंकरों पर पाबंदी लगाना चालू कर देते  है l परंतु  उनकी इस हड़बड़ी वाली कार्रवाई से क्षेत्र के अंदर उत्पन्न हुई समस्या से निबटने के लिए नगर निगम के पास कोई भी तैयारी नहीं होती है l जिसका खामियाजा फरीदाबाद शहर के लोगों को उठाना पड़ता है l हाल ही में नगर निगम ने फरीदाबाद में बड़ी संख्या में अवैध रूप से चल रहे टयूबवेल व आर.ओ. प्लांट सील कर दिए। इससे गुस्साए टैंकर मालिकों ने हड़ताल कर दी। आर.ओ. प्लांट भी बंद हो गए। इसका नतीजा यह हुआ कि लोगों को ब्लैक में पानी खरीदना पड़ रहा है। तीन दिन से पानी की सप्लाई ना होने की वजह से लोगों को 10 रुपए वाली पानी की 20 लीटर की बोतल 20 से 25 रुपए में खरीदनी पड़ रही है। पानी की यह दिक्कत एनआईटी क्षेत्र में रहने वाले लोगों को उठानी पड़ रही है। एनआईटी क्षेत्र के हजारों लोगों को यह पानी की समस्या का अधिक सामना करना पड़ रहा है।



बता दें कि एनआईटी के अलावा बडख़ल क्षेत्र में भी अवैध रूप से सैंकड़ों की संख्या में टयूबवेल व आर ओ प्लांट लगे हुए हैं। जिनसे टैंकरों द्वारा पानी की उन इलाकों में सप्लाई की जाती है, जहां पानी की भारी किल्लत है। इन टैंकरों के जरिए ब्लैक में पानी बेचा जाता है। बडख़ल व एनआईटी क्षेत्रों से ये टैंकर दिल्ली तक पानी बेचते हैं। इससे पानी का लेवल तेजी से नीचे की ओर जा रहा है। ऐसी ही कुछ शिकायतों के आधार पर चंडीगढ़ से भी अवैध आर ओ प्लांट व टयूबवेल बंद करवाने के निर्देश जारी हुए हैं।



एनआईटी  86 विधानसभा क्षेत्रों में नगर निगम पूरी तरह से पानी की सप्लाई नहीं कर पा रहा है। जिसकी वजह से ही ये टैंकर व टयूबवेल माफिया बड़ी संख्या में पैदा हो गए हैं। अब तो इन टैंकर व टयूबवेल माफियाओं के बिना जनता का भी गुजारा नहीं हो सकता। नगर निगम द्वारा लोगों को पानी नहीं दिया जा रहा तो उसकी एवज में ये टयूबवेल व टैंकर वाले लोगों की प्यास बुझा रहे हैं।

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