रिपोर्टर सन्दीप कुमार मद्धेशिया

सिद्धार्थनगर।फसल अवशेष प्रबन्धन योजना के संबध में मुख्य विकास अधिकारी पुलकित गर्ग की अध्यक्षता एवं अपर जिलाधिकारी सीताराम गुप्त, अपर पुलिस अधीक्षक मायाराम वर्मा की उपस्थिति में मुख्य विकास अधिकारी कक्ष में बैठक सम्पन्न हुई।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य विकास अधिकारी पुलकित गर्ग ने

बताया कि फसल अवशेषों को कदापि न जलाये बल्कि प्रबंधन कर लाभ उठायें।मुख्य विकास अधिकारी पुलकित गर्ग ने कहा है कि फसल अवशेष जलाना जहां दण्डनीय अपराध है वही इससे हमारे जीवन के लिये आवश्यक पर्यावरण प्रदूषित

होता है तथा खेत की उर्वरा शक्ति भी नष्ट होती है इस लिये फसल अवशेषें को कदापि न जलाये बल्कि उसका प्रबंधन कर लाभ उठायें। फसल अवशेषो के प्रबधन के लिये कृषि यंत्रो पर छूट की भी व्यवस्था की गयी है। मुख्य विकास अधिकारी पुलकित गर्ग ने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन की आयोजित बैठक में उक्त विचार व्यक्त करते हुए कृषको से अपेक्षा करते हुए कहा कि किसी

भी फसल के अवशेष को जलाये नही बल्कि मृदा में कार्बनिक पदार्थो की पादप अवशेषें को मृदा में मिलाये, जिससे कि खेत की उर्वरा शक्ति बढेगी। उन्होने इसके लिये जन जागरुकता पर बल देते हुए कहा कि वर्तमान में खरीफ फसल की कटाई होनी है। फसल अवशेष पुआल, पराली को जलाये नही बल्कि उसका

समुचित प्रबंधन करें। फसल अवशेषों के प्रबंधन के लिये यंत्रों पर भी छूट

के साथ साथ राष्ट्रीय हरित अधिकरण द्वारा कम्बाईन मशीनो आदि के प्रयोगो के लिये शर्ते भी निर्धारित की गयी है। बिना सुपर स्ट्रा मशीन के किसी भी कम्बाईन मशीन के चलाये जाने को प्रतिबंधित किया गया है।

अपर जिलाधिकारी सीताराम गुप्त दण्ड के प्राविधानो की जानकारी देते

हुए बताया कि दो एकड से कम कृषि भूमि में फसल अवशेष जलाये जाने पर 2500 रुपये की अर्थदण्ड, दो एकड से अधिक किन्तु 5 एकड से कम होने की दशा में रुपये 5 हजार तथा इससे अधिक कृषि भूमि होने व फसल अवशेष जलाये जाने पर

प्रथम बार में रुपये 15 हजार के अर्थदण्ड का प्राविधान है। कृषि अपशिष्ट जलाये जाने की पुर्नावृत्ति होने की दशा में संबंधित कृषको को सरकार द्वारा प्रदत्त की जाये वाली सुविधाओ यथा सब्सिडी आदि से वंचित किये जाने की कार्यवाही के निर्देश राष्ट्रीय हरित अधिकरण नई दिल्ली द्वारा की गयी है। उन्होने कृषको से अपील करते हुए कहा है कि फसल अवशेषों को न जलाये और

जुर्माने से बचे। बैठक में उपरोक्त के अतिरिक्त जिला कृषि अधिकारी सी0पी0सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा0 ज्ञान प्रकाश तथा सम्बन्धित अधिकारी

उपस्थित थे।

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