रिपोर्टर दीपक कुमार शर्मा

हाथरस गैंगरेप की शिकार युवती की मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद आज शुक्रवार को आरोपी परिवार को न्याय दिलाने के लिए लोग दिल्ली के जंतर मंतर पर धरने पर बैठ गए. लोगों कहना है कि मामले को कुछ राजनीतिक पार्टियां अपने स्वार्थ के लिए तूल दे रही हैं. लोगों का कहना है कि सच्चाई उजागर होनी चाहिए.प्रदर्शनकारियों का यह भी कहना है कि मामले में कोई निर्दोष न फंसे और दोषी बचने ना पाए.इस बीच पुलिस ने पीड़िता के घर की घेराबंदी कर रखी है. किसी को वहां से निकलने नहीं दिया जा रहा है. आज पीड़िता का एक भाई खेतों के रास्ते पुलिसकर्मियों की नजरों से बचते और छिपते-छिपाते हुए जैसे-तैसे गांव के बाहर मीडियाकर्मियों के पास आया और उसने यह दास्तां बताई. उसने बताया कि परिवार को डराया-धमकाया जा रहा है.


उसने संदेश भी दिया कि उसकी भाभी मीडिया से मिलना चाहती है और कल डीएम ने उसके ताऊ की छाती पर लात मारी थी. वह मीडिया से बात कर ही रहा था कि पुलिसवालों की नजर उस पर पड़ गई और वह वहां से खेत के रास्ते डरते-भागते हुए घर निकल गया।

लड़की के पिता को अपनी लड़की का मुँह तक नही देखना दिया! लड़की के पिता ने यह भी बताया की लड़की के माता पिता को मीडिया से नही मिलने दिया जा रहा ।पुलिस वाले ग़लत भाषा का प्रयोग कर रहे है और अपमान जनक भाषा का प्रयोग कर रहे है।लड़की के परिवार वाले काफ़ी डरे हुए है पुलिस के ख़ौफ़ से! लड़की के परिवार वाले मीडिया से आग्रह कर रहे है की इस केस की सी बी आई जाँच हो वो भी निष्पक्ष हो ।दिल्ली के पटियाला कोर्ट के कुछ वकील सरकार से यह भी माँग कर रहे है कि जो पुलिसकर्मी उस वक्त मौजूद थे जिस वक्त मनीषा गैंगरेप की घटना सामने आयी और पुलिस के द्वारा कोई कार्यवाही नही की गयी थी! उन पुलिस कर्मियों पर एक करोड़ का जुर्माना लगाया! और कड़ी से कड़ी सजा दी जाए! जिससे भविष्य में सभी लोग क़ानून के नियमों का पालन करे!



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