उत्तर पूर्वी दिल्ली के गोकलपुरी फ़्लाइओवर रेड लाइट व मौजपुर रेड लाइट पर भी "रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ प्रोग्राम लगातार चालू।कृष्ण कुमार(डिविजनल वार्डन गोकुलपुरी)सिविल डिफेंस उत्तरी पूर्वी जिला से हुई ख़ासबातचीत में पता चला कि रेड लाईट आन इंजन ऑफ़ प्रोग्राम 21 अक्टूबर 2020 से 15 नवंबर 2020 तक चलाया जाएगा।
दिल्ली के लोग रेड लाईट आन इंजन ऑफ़ इस मुहिम को लेकर काफ़ी जागरुक हो रहे है व पूर्ण सहयोग कर रहे है लोग यातायात के नियमो का पालन करते नज़र आए।सिविल डिफ़ेंस की टीम ने भी कुछ लोगों को गुलाब का फूल देकर प्रोत्साहित किया व इस मुहिम को लेकर जागरुक भी किया। जिसमें सुनीता देवी,रंजना कुमारी,चिरंजीलाल,रितिक कुमार,
मौहम्मद आसिफ,रोहित कुमार,आस मौहम्मद,चेतन व रिंकू ने बढ़चढ़कर भाग लिया!

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जी ने अभियान युद्ध, प्रदूषण के विरूद्ध' के तहत इसकी शुरुआत की है उन्होंने कहा कि वाहन का इंजन बंद करने से न सिर्फ प्रदूषण रुकेगा, बल्कि प्रत्येक गाड़ी प्रति वर्ष सात हजार रुपये की बचत भी होगी।
उन्होंने लोगों से अनुरोध किया कि वे यातायात सिग्नल पर रुकने के दौरान अपनी गाड़ी का इंजन बंद कर दें. केजरीवाल जी ने कहा कि सरकार ने बड़े पैमाने पर ' रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ' अभियान की शुरुआत की है और लोगों को इस कदम के प्रभाव से अवगत कराते हुए इसकी सफलता सुनिश्चित करेगी.।
केजरीवाल जी ने  ट्वीट किया, "रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ. दिल्ली ने हमारे अभियान 'युद्ध, प्रदूषण के विरूद्ध' के तहत इसकी शुरुआत की है. आइए, सभी संकल्प लें कि लाल बत्ती पर अपनी गाड़ियों (इंजन) को बंद कर देंगे. हर एक कोशिश प्रदूषण को कम करने में योगदान देगी. '' ऑनलाइन मीडिया ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में एक करोड़ गाड़ियां पंजीकृत हैं.।
केजरीवाल जी ने कहा कि अगर 30-40 लाख गाड़ियां हर दिन सड़कों पर उतरती हैं और यातायात सिग्नल पर रुकने के दौरान गाड़ी का इंजन चालू रहता है तो यह शहर के वायु प्रदूषण को बढ़ाता है. मुख्यमंत्री ने कहा, " विशेषज्ञों का कहना है कि एक गाड़ी एक दिन में लाल बत्ती पर औसतन 15-20 मिनट रुकती है और 200 एमएल ईंधन की खपत करती है. इससे बहुत प्रदूषण होता है. अगर 10 लाख गाड़ियां लाल बत्ती पर अपना इंजन बंद कर लें तो हर साल पीएम 10 को 1.5 टन और पीएम 2.5 को 0.4 टन रोक लिया जाएगा."

उन्होंने कहा कि वाहन का इंजन बंद करने से न सिर्फ प्रदूषण रुकेगा, बल्कि प्रत्येक गाड़ी प्रति वर्ष सात हजार रुपये की बचत भी होगी. केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में साल के इस समय पराली जलाने की वजह से वायु प्रदूषण बढ़ता है. उन्होंने उन गांवों के निवासियों की सेहत को लेकर चिंता जताई जहां यह जलाई जाती है. उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण को रोकने के लिए हरसंभव उपाय किए हैं जिनमें धूल के खिलाफ अभियान चलाना, पराली जलाने से रोकने के लिए बायो डीकंपोजर तकनीक का इस्तेमाल, वृक्षारोपण, इलेक्ट्रिक वाहन नीति बनाना आदि शामिल हैं.
केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली के लोगों ने बीते पांच साल में प्रदूषण 25 प्रतिशत तक कम करने में मदद की है. उन्होंने उम्मीद जताई कि दिल्लीवासी ' रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ' अभियान से जुड़ेंगे और लाल बत्ती पर अपनी गाड़ियों के इंजन को बंद करेंगे।

Post A Comment:

0 comments: