Reporter Suhel Ahmed Delhi.. 


एस एन श्रीवास्तव  दिल्ली पुलिस कमिश्नर द्वारा  इस साल एक अभियान चलाया गया था जिसमें  लापता हुए बच्चों को ढूंढने और उनके परिजनों तक पहुंचाने का काम दिल्ली पुलिस को सौंपा गया था और यह भी कहा गया था कि इस काम में जो भी पुलिसकर्मी अच्छी परफॉर्मेंस दिखाकर ज्यादा से ज्यादा बच्चों की रिकवर करेगा  या उनके परिजनों से मिलवाएंगे उन तमाम पुलिसकर्मियों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन दिया जाएगा.



पुलिस कमिश्नर द्वारा दिए गए टॉस्क में दिल्ली पुलिस ने लापता हुए 100  बच्चों को उनके परिजनों से मिलाया है. एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट साउथ दिल्ली ने करीब 100 बच्चों को ट्रेस किया और ट्रेस किए हुए बच्चों में से 80 बच्चों की उम्र 18 साल से भी कम थी . ये बच्चे सिर्फ दिल्ली राज्य से ही नहीं बल्कि दिल्ली के बाहर के राज्य मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश , वेस्ट बंगाल , बिहार झारखंड और छत्तीसगढ़ से  भी बरामद किए गए हैं ।


इन सभी बच्चों की गुमशुदगी की रिपोर्ट अलग-अलग पुलिस स्टेशन में दर्ज थी . दिल्ली पुलिस कमिश्नर एस एन श्रीवास्तव ने इस साल यह अभियान चलाया था जिसमें गायब हुए बच्चों को उनके परिजनों तक पहुंचाने का चैलेंजिंग टास्क दिल्ली पुलिस को सौंपा गया था और यह भी हिदायत दी गई थी कि इस काम में जो भी पुलिसकर्मी ज्यादा से ज्यादा बच्चों की रिकवर करेगा या अपनी मेहनत से  उन्हें अपने परिजनों से मिलवाएगा उन तमाम पुलिसकर्मियों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन दिया जाएगा.


जिसके चलते पूरी दिल्ली में पुलिस ने सैकड़ों लापता हुए  बच्चों को उनके परिजनों तक पहुंचाया . हाल ही में पुलिस कमिश्नर कमिश्नर एस एन श्रीवास्तव ने एक कॉन्स्टेबल को एएसआई के पद पर आउट ऑफ टर्न प्रमोशन  दिया  था  जिसका नाम  रीमा ढाका है । सबसे ज्यादा  साउथ दिल्ली पुलिस ने साउथ दिल्ली से बच्चों को रिकवर किया जिनकी संख्या 58 है वहीं पुलिस ने उत्तर प्रदेश से 17 ,मध्य प्रदेश से 3, हरियाणा से 6 ,बिहार से 6, छत्तीसगढ़ से 1 और झारखंड से भी 1 बच्चा बरामद किया जिन जिन बच्चों को इस टास्क से मिलवाया गया उनके परिवारों से  उन सभी बच्चों की कुल संख्या 100 है।

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