रिपोर्टर  सुहैेल अहमद  दिवंगत क्रशर कारोबारी ने सात सितंबर को कबरई के तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार व कबरई के तत्कालीन एसओ देवेंद्र शुक्ला पर उनसे जबरन वसूली का आरोप लगाया था और उनसे अपनी जान को खतरा बताते हुए एक आडियो व वीडियो वायरल किया था । मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ को भी इसी संदर्भ के प्रार्थना पत्र भेजा था। इसके पश्चात आठ सितंबर को इंद्रकांत अपनी गाड़ी में गोली लगने से घायल मिले थे। 13 सितंबर को उनकी कानपुर के रीजेंसी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। उनके भाई रविकांत त्रिपाठी ने पूर्व एसपी व एसओ सहित चार लोगों के खिलाफ कबरई थाने में मुकदमा कराया था। जांच के दौरान सिपाही अरुण यादव का नाम  नाम भी सामने आया। निलंबित होने के बाद से आइपीएस अधिकारी मणिलाल पाटीदार फरार चल रहा है। शीघ्र ही पाटीदार से साथ सिपाही की संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई भी  पुलिस करने वाली है । महोबा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेंद्र कुमार गौतम के मुताबिक जिले के एसपी रहे मणिलाल पाटीदार, इंस्पेक्टर देवेंद्र शुक्ला और कांस्टेबल अरुण यादव महोबा के व्यापारी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत के बाद से फरार चल रहे हैं। इंद्रकांत की मौत के बाद उनके भाई ने आरोप लगाया कि पाटीदार ने त्रिपाठी से छह लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। एस पी मणिलाल ने धमकी दी कि यदि एक हफ्ते के अंदर रकम का इंतजाम नहीं हुआ तो उसे जान से मार दिया जाएगा  या किसी अन्य मामले में फंसाकर कर जेल भेज दिया जाएगा। इसके बाद पाटीदार को भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण सेवा से निलंबित करके जांच का आदेश जारी कर दिया गया। महोबा में व्यापारी इन्द्रकांत त्रिपाठी हत्याकांड में निलंबन के बाद से फरार चल रहे आइपीएस अधिकारी मणिलाल पाटीदार के साथ ही कॉन्स्टेबल अरुण यादव पर शासन का शिकंजा कस गया है। महोबा के एसपी रहे मणिलाल पाटीदार को भगोड़ा घोषित करने के बाद अब 25 हजार का इनाम रखा गया है।

पुलिस अब तक  डाकू और गैगस्टर को पकड़वाने पर ही इनाम घोषित करती है, लेकिन इस बार पुलिस महकमे ने अपने एक युवा आइपीएस अधिकारी को पकड़वाने पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। महोबा के कबरई के व्यापारी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत के मामले में भगोड़ा घोषित महोबा के पूर्व एसपी मणिलाल पाटीदार पर यह इनाम रखा गया है। इस मामले में उनके सहयोगी सिपाही अरुण यादव पर भी 25 हजार का इनाम है। इस मामले के आरोपितों में तत्कालीन एसओ देवेंद्र और दो अन्य को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। 


मणिलाल पाटीदार व्यापारी इंद्रकांत की मौत के मामले में 15 नवंबर से फरार हैं। पुलिस की कई टीमें और एसटीएफ उनकी खोज में लगी हुई हैैं लेकिन अब तक गिरफ्तार नहीं किया जा सका। जांच में पाटीदार के खिलाफ भ्रष्टाचार की भी कई शिकायतें सामने आई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। रविवार को एसपी अरुण कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पूर्व एसपी मणिलाल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी है। अब 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है। आरोपित सिपाही अरुण यादव पर भी इनाम रखा गया है। प्रदेश का यह पहला मामला है जिसमें किसी आइपीएस पर 25 हजार का इनाम रखा गया है।

उल्लेखनीय है कि क्रशर कारोबारी की मौत के मामले में गिरफ्तार हुए बर्खास्त एसओ देवेंद्र शुक्ला को तीन दिन पहले लखनऊ भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया था। आरोपित दो अन्य सुरेश सोनी व ब्रह्मदत्त द्विवेदी को गिरफ्तार कर लखनऊ जेल भेजा जा चुका है। दिवंगत इंद्रकांत के बड़े भाई व वादी रविकांत का कहना है कि इस कार्रवाई से संतुष्टि मिली है, लेकिन आरोपित की गिरफ्तारी जल्द होनी चाहिए। आगे की जांच अभी जारी है

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