Repoter Suhel Ahmed Delhi 

उत्तर प्रदेश के लखनऊ में अब जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल अपने वाहनों पर करने वालों को बड़ा महंगा पड़ेगा।  जिसके चलते लखनऊ के अंदर सबसे पहला चालान सक्सेना जी का कटा

 नाका पुलिस कोतवाली में यह चालान रविवार दुर्गापुरी मेट्रो स्टेशन के पास बने चेक पोस्ट पर करा  इलाका पुलिस ने यह कार्रवाई प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी अधिसूचना जिसमें जातिसूचक शब्दों के वाहनों पर इस्तेमाल पर रोक लगाने के आदेश के बाद करी।

इस अधिसूचना के जारी होने के बाद प्रदेश में कार ,बाइक, ट्रक ,बस , स्कूटी, ई-रिक्शा और किसी भी अन्य वाहन पर यह सब जातिसूचक शब्द लिखने पर पूरी तरीके से पाबंदी लगा दी है। जो भी कोई इसका उल्लंघन करता है उसका चालान काटा जाएगा हालांकि इस पर पहले से ही मोटर व्हीकल एक्ट 177 के तहत चालान काटने का प्रावधान है।


 कुछ समय पहले ही महाराष्ट्र के शिक्षक हर्षल प्रभु ने प्रधानमंत्री कार्यालय में शिकायत की थी कि वाहनों पर इस्तेमाल जातिसूचक शब्दों से हमारे सामाजिक ताने-बाने को खतरा है।  इस बात को संज्ञान में लेते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय ने सभी राज्यों को दिशा निर्देश देते हुए इस पर सख्ती से रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया। इस आदेश के जारी होने के बाद उत्तर प्रदेश के अपर परिवहन आयुक्त ने जिम्मेदार अधिकारियों को पत्र जारी कर इस पर विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया और इस पर किसी को भी रियायत ना देने की हिदायत भी दी जिसके तहत नाका कोतवाली पर तैनात दरोगा दीपक कुमार दुर्गापुरी मेट्रो स्टेशन  के पास बने चेक पोस्ट पर चेकिंग कर रहे थे तभी वहां से गुजर रही एक मारुति वैन को रोककर उसके कागजात और लाइसेंस मांगे गए जांच के बाद पता चला यह कार कानपुर के जुड़वा जमौली निवासी आशीष सक्सेना की है इसी दौरान दरोगा जी की नजर गाड़ी के पीछे लिखे जातिसूचक शब्द  "सक्सैना जी"  पर पड़ी  फिर उसके बाद दरोगा दीपक कुमार ने कार्यवाही करते हुए चालान धारा मोटर व्हीकल एक्ट 177 के तहत काट दिया।

 यह प्रदेश का पहला चालान जातिसूचक शब्द का था जो  "सक्सेना जी" का कटा। दरोगा का कहना है कि रोज इस तरीके की कार्यवाही करी जाएगी जिन जिन वाहनों के पीछे यह जातिसूचक शब्द लिखे होंगे उन सब के चालान जिले में करे जाएंगे।

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