रिपोर्टर मुकेश लूथरा

आज  प्रेस की टीम ने हरिद्वार में हरिद्वार के मोती बाज़ार स्थित हरिद्वार की मशहूर व पुरानी  जैन चाट भण्डार का दौरा किया  जोकि स्वर्गीय  श्री रतनलाल जैन जी द्वारा सन् १९५१ में चाट वाली गली, मोती बाज़ार, हरिद्वार में स्थापित की गई थी व अब उनके पुत्र नीरज जैन जी द्वारा चलाई जा रही है। इस चाट भण्डार की सबसे खास बात इनकी घर में हाथ से पीसे मसलों से बने कांजी बड़े है जोकि बहुत ही स्वादिष्ट है व पौष्टिक है।


हमारे साथी मुकेश लूथरा जी ने जब नीरज जी से बात की तो पता चला कि उनके छोटे भाई आज भी स्वयं हाथ से ही घर पर मसाले पीसते है व इन कांजी बड़ों को करीब ४० दिन तक खाया जा सकता है। नीरज जी ने बताया कि इनके ग्राहक एक बार खाना खाने के बाद भी अगर कांजी बड़े खा लें और कांजी का पानी पी लें तो आधे घंटे में फिर भूख लग जाती है। कांजी बड़ों के अलावा यहां १६ मसालों से बना गोल-गप्पे का पानी, मैजिक चाट, लाल कांजी, व कई प्रकार के चूर्ण भी मिलते है। हम चाट के शौकीन लोगों को सलाह देंगे कि अगर आप अलग तरह की चाट खाने के शौकीन है तो एक बार जैन चाट भण्डार पर अवश्य जाएं।

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