रिपोर्टर  श्रुति शुक्ला देल्ही

उद्योग मंत्री विपुल गोयल ने अपने कार्यालय के बाहर एक डिजिटल थिएटर लगाकर रिलीज हुई नई फिल्म कागज को डिजिटल पर्दे पर थिएटर के रूप में लोगों को निशुल्क दिखाया।
विपुल गोयल ने कहा कि यह फिल्म सभी समाज के लोगों को एक संदेश देती है कि किस प्रकार किसी भी छोटी सी गलती के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ सकती है परंतु एक संघर्ष के द्वारा हिम्मत ना हार कर हर परेशानी को दूर किया जा सकता है इस फिल्म में भी यही संदेश दिया गया है कि हमारे सिस्टम की एक छोटी सी गलती से एक जीवित इंसान को मृत दिखा दिया गया और वह इस लड़ाई को जीतने में सफल रहा और सिस्टम ने उस गलती को ठीक भी किया। इस फिल्म को दिखाने के प्रति उनका उद्देश्य है पिछले काफी समय से लोग अपने अपने घरों में कोरोना महामारी के कारण पिछले 8 महीनों से घरों में हैं और कहीं भी निकलना नहीं हो पा रहा। इस थिएटर में काफी लोगों ने फिल्म का आनंद लिया, जोकि सोशल डिस्टेंसिंग के साथ बैठकर लोगों ने और बच्चों ने फिल्म  को देखा।
विपुल गोयल ने कहा कि यह एक नई शुरुआत है इस तरह के छोटे थिएटर से गांव-गांव और कस्बे भी शहरी क्षेत्रों की तर्ज पर  सिनेमाघर मैं फिल्म देखने जैसा अनुभव कर पाएंगे।
लोगों ने उनकी इस नई शुरुआत को काफी सराहा और कहा कि विपुल गोयल इस तरीके के नए नये कांसेप्ट करने के लिए ही विख्यात है फिर चाहे  फरीदाबाद के अंदर न जाने कितने ऐसे अनगिनत कार्य किए जो औरों के लिए आज भी मिसाल है जैसे कि फरीदाबाद शहर में लगा एशिया का सबसे बड़ा तिरंगा  झंडा और दूसरे देश की तर्ज पर बने टाउन पार्क में फूलों की घड़ी व् इसके अतिरिक्त और भी न जाने कितने कार्य हैं जो विपुल गोयल ने इस शहर में शुरू किए।  जिनके बारे में लोगों ने कभी सोचा भी नहीं था । लोगों ने विपुल गोयल की प्रशंसा की और धन्यवाद दिया कि उन्हें अपने घर की तरह फिल्म दिखाने का उन्होंने प्रयास किया जोकि बहुत अच्छा लगा।

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