Reporter Mukesh Gupta

माँ के लिए जितना लिखा जाए उतना ही कम है माँ के लिए लिखते वक्त अक्सर अल्फाज़ कम पड़ जाते हैं, हाल ही में यूट्यूब पर एक कविता जिसका शीर्षक है "माँ" जिसे लिखा है वी.के. लूथरा ने और पपरफॉर्म भी वी.के. लूथरा ने किया है।

 जिसकी दो पंक्तियां हैं 

"दो कदम ही तो चलना सिखाया था अभी तीसरे कदम मेरा हाथ छोड़ गई है माँ, शायद मुझ से ज्यादा भरोसा था मेरी माँ को मुझ पर तभी जिंदगी के आधे सफर में मेरा साथ छोड़ गई है माँ"

 पूरी कविता सुनने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर जाएं

( https://youtu.be/x47DrOgGH ) या यूट्यूब के चैनल पोयम एंड कहानियां (poem & kahaniya) के चैनल पर "माँ" वी के  लूथरा सर्च करें, और अगर आपको अच्छि लगे तो आगे शेयर करे, लिखे करे और अपने विचार उसपे कमेंट करे।

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