प्रमोद कुमार जायसवाल की रिपोर्ट दिल्ली /

इससे पहले एयर इंडिया (Air India) का एक विमान न्यूयार्क एयरपोर्ट से 318 ऑक्सीजन concentrators लेकर दिल्ली (Delhi) के लिए रवाना हो चुका है.।

भारत पर कोरोना (Corona Virus)का कहर जारी है. कोरोना के बढ़ते मामलों के साथ-साथ देश ऑक्सीजन और अन्य चीजों की कमी से जूझ रहा है जिससे कई मरीजों की जान खतरे में है. ऐसे में अब दुनिया भर के कई देश भारत की मदद के लिए आगे आ रहे हैं. इसी कड़ी में युनाइटेड किंगडम से भी एक शिपमेंट आज यानी मंगलवार सुबह भारत पहुंचा है. इस शिपमेंट में 100 वेंटिलेटर्स और 95 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स भारत आए हैं.।


इससे पहले एयर इंडिया (Air India) का एक विमान न्यूयार्क एयरपोर्ट से 318 ऑक्सीजन concentrators लेकर दिल्ली (Delhi) के लिए रवाना हो चुका है. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन (US President Joe Biden) ने अपने ट्विटर पर जारी बयान में कहा है कि पिछले साल भारत ने अमेरिका की मदद की थी, अब हमारी बारी है भारत को सहायता देने की. इससे पहले दोनों देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की टेलीफोन पर बात हुई.

अमेरिका के अलावा दुनियाभर से भी भारत को मदद मिलनी शुरू हो गई है. सबसे पहले सिंगापुर से इंडियन एयरफोर्स के खास हेलीकॉप्टर से 4 क्रायोजेनिक टैंकर समेत 250 ऑक्सीजन concentrators लाए गए. संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्री ने भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर से बात की और ऑक्सीजन के 7 खाली टैंकर भारत भेजे. भारत के साथ खड़े होने के संदेश के रूप में दुबई के बुर्ज खलीफा को तिरंगे में दिखाया गया.।


ब्रिटेन ने ऑक्सीजन concentrators समेट 600 मेडिकल उपकरण भेजने की घोषणा की, जिसमें 120 वैंटिलेटर भी शामिल हैं. हांग कांग से 800 ऑक्सीजन concentrators मंगाए गए हैं. सऊदी अरब ने 80 मीट्रिक टन ऑक्सीजन भेजा. रूस ने रेमदेसिविर और दूसरी मदद देने की बात कही है. जर्मनी से 23 मोबाइल ऑक्सीजन प्लांट लाए जा रहे हैं.।


फ्रांस, यूरोपियन यूनियन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया ने भी मदद के हाथ बढ़ाए हैं. पीएम मोदी से सोमवार को जापान के पीएम ने बात की और संकट की इस घड़ी में भारत को हरसंभव मदद का भरोसा दिया. गूगल और माइक्रोसॉफ्ट के प्रमुख भारतीय मूल के सुंदर पिचाई और सत्या नडेला ने भी भारत को मदद देने का ऐलान किया है.।

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