Reporter Rohit Gogia

मानवता की मिसाल* हमारे समाज में कभी - कभी देखने को मिलती हैं। दिल्ली के अंदर दिल्ली पुलिस कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने एवं दिल्ली सिविल डिफेंस कानून व्यवस्था में सहायक और किसी भी प्रकार की आपदा में हेल्पिंग हैंड का काम करती है। कोविड-19 आपदा के दौरान दिल्ली पुलिस और सिविल डिफेंस की मिली जुली मिसाल देखने को मिली। कालकाजी थाने के कालकाजी डीडीए फ्लैट के निवासी तथा दिल्ली सिविल डिफेंस से (कालकाजी डिवीजन) एक जांबाज पोस्ट वार्डन सुनील पाराशर (जोकि अपने, दिल्ली सिविल डिफेंस में 16 साल से रहते हुए निष्काम भाव, मेहनत ,लगन और सहायता की भावना से कार्यरत साउथ ईस्ट डिस्ट्रिक्ट के जिलाधिकारी अपर जिलाधिकारी एवं दिल्ली पुलिस साउथईस्ट , डीसीपी एवं एसीपी कालकाजी ,एसएचओ कालकाजी के द्वारा अनेकों प्रशंसा पत्र प्राप्त कर चुके हैं) इस कोविड-19 आपदा में भरपूर सहायता करने में जुटे हुए हैं। आपदा के दौरान एल आई जी, डीडीए फ्लैट कालका जी में हुई कई मौतों में जहां कोई आपदा से ग्रसित बॉडी को हाथ लगाने को तैयार नहीं थे उस सिचुएशन में दिल्ली पुलिस कालका जी के जांबाज स्टाफ सब इंस्पेक्टर रवि, हेड कांस्टेबल मनोज कुमार एवं कांस्टेबल आनंद जोकि एल आई जी,डीडीए फ्लैट बीट पर नियुक्त हैं और दिल्ली सिविल डिफेंस से जांबाज सुनील पाराशर जोकि कालकाजी डिवीजन से पोस्ट वार्डन है ने उनको निष्काम भाव से मृत व्यक्तियों को उनके घर से ले जाकर नेहरू प्लेस,श्मशान घाट पर उनके दाह संस्कार  करके एक मिसाल कायम की जहां उनका कोई रिश्तेदार या आसपास के रहने वाले लोग भी हाथ लगाने को तैयार नहीं थे।

ऐसे मानवता की मिसाल  जांबाजो को सलाम है जितनी प्रशंसा की जाए वह कम है। इन सभी जांबाजो का कहना है की ऐसी आपदा की स्थिति में सभी लोग को कोविड-19 की गाइडलाइन को ध्यान में रखते हुए एक दूसरे की सहायता करनी चाहिए तभी हम इस भयानक महामारी से जल्दी मुक्ति पा सकेंगे।

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